उन्हीं की भाषा में संवाद करने नाटक का उपयोग...

संदेश सम्प्रेषण की दृष्टि से बहुत लाभकारी होगा : श्री सांघी

ग्वालियर। कोविड-19 से बचाव के प्रति और वैक्सीन लगाने के लिए जनता को जागरूक बनाने का जो अभियान आपने शुरू किया है वह सराहनीय है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में उन्हीं की भाषा में उनसे जीवंत संवाद करने के लिए नाटक का उपयोग संदेश सम्प्रेषण की दृष्टि से बहुत लाभकारी होगा। उक्त आशय के विचार पुलिस अधीक्षक अमित सांघी ने गत दिवस आईटीएम सभागार, तुरारी में कोविड-19 महामारी से बचाव और उपचार के प्रति ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जागरूकता लाने वाले जन सम्प्रेषण अभियान के समापन अवसर पर व्यक्त किये।

 इस अवसर पर कोविड-19 के विरूद्व प्रशासनिक प्रयासों का स्मरण करते हुए उन्होंने बताया कि जब वो सागर पुलिस अधीक्षक थे तब जब ग्रामीण क्षेत्र का पहला प्रकरण सामने आया था तो वहां ग्रामीणों ने अग्रिम सावधानी बरतते हुए रोगी को प्रथक आश्रय स्थल पर रख दिया था। ग्रामीणों की यह जागरूकता हमारे लिए एक सुखद अनुभव था। उन्होंने चमत्कारों की वैज्ञानिक व्याख्या और सुन्दर प्रस्तुति के लिए युवा विज्ञान परिषद के सचिव सुनील आनंद की सराहना की। साथ ही उन्होंने कहा कि जन सम्प्रेषण एक चुनौति पूर्ण कार्य होता है। 

इसको व्यवस्थित कार्ययोजना बनाकर आगे बढ़ायें। कार्यक्रम के अध्यक्ष आईटीएम विश्वविद्यालय के प्रो. चांसलर डॉ. दौलत सिंह चैहान ने इस विपदा की घड़ी में कोविड-19 से लड़ने के लिए संस्थागत प्रयासों पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि आईटीएम ने जिस प्रकार समाज के लिए अपना चिकित्सालय नि:शुल्क उपलब्घ कराया और इस दिशा में जो भी जरूरी वैज्ञानिक प्रयास होंगे आईटीएम उसके लिए सदैव तत्पर रहेगा। 

उन्होंने कार्यशाला के प्रतिभागियों को साधुवाद देते हुए कहा कि यह साहसी बालक समाज में जागृति पैदा करने के लिए सामने आये हें। इनका यह कार्य अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयासों के लिए आईटीएम हमेशा आगे रहेगा। इस अवसर पर डॉ. ज्योति प्रियदर्शनी श्रीवास्तव ने दृश्य एवं श्रव्य माध्यम से कोविड-19 के बारे में विस्तार से वैज्ञानिक जानकारियां प्रदान कीं। साथ ही उन्होंने एक अच्छे चिकित्सक वतौर इस बीमारी महामारी से बचाव के प्रभावी तरीके भी बताये व वैक्सीनेशन कराने की जोरदार शब्दों में गुजारिश की। 

कार्यशाला के संचालक एवं युवा विज्ञान परिषद के सचिव सुनील आनंद ने अतिथियों का स्वागत करते हुए ना केवल कार्यशाला की पृष्ट भूमि पर प्रकाश डाला अपितु चमत्कारों की वैज्ञानिक व्याख्या वाले चमत्कार दिखाकर दर्शकों का मन जीत लिया। कार्यशाला के प्रतिभागियों द्वारा तैयार किये गये नाट्कों की सुन्दर प्रस्तुति हुई जिसमें कोविड - 19 के बचाव और उपचार के तरीके मन मोहक ढंग से प्रस्तुत किये गये। नाटकों का निर्देशन रोहित जैन एवं रेनू झवर ने किया। 

संगीत निर्देशन सुनीलम चतुर्वेदी द्वारा किया गया। कार्यक्रम में इस अवसर पर विशेष रूप से वाइस चांसलर डॉ. रंजीत सिंह तोमर, प्रो वाइस चांसलर, प्रोफेसर डॉ. एस. के. नारायण, खेड़कर, कुल सचिव डॉ. ओम वीर सिंह, उप कुल सचिव अनिल माथुर, आर्टिस्ट कम्बाइन के कला गुरू डॉ. संजय लघाटे सहित आईटीएम विश्वविद्यालय के अध्यापक गण एवं विद्यार्थी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन आईटीएम विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग के विभागाघ्यक्ष जयंत तोमर ने किया। कार्यक्रम के अंत में महेन्द्र शुक्ला ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।