खुले में सोने को मजबूर नागरिकों को...

कडाके की सर्दी से राहत देने निगम ने चलाया अभियान रैन बसेरा

ग्वालियर। मानवता की सेवा करने से बडा कोई पुण्य का कार्य नहीं हो सकता है। कडाके की सर्दी में खुले आसमान के नीचे रात बिताना बहुत बडी यातना के समान होता है और कई मजबूरियों के चलते शहर में बडी संख्या में लोग प्रतिदिन खुले में रात बिताने को मजबूर हैं। ऐसे नागरिकों की पीडा को समझते हुए नगर निगम ग्वालियर द्वारा एक पुण्य अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत शहर में खुले में रात बिताने को मजबूर नागरिकों को कार के माध्यम से रैन बसेरा पंहुचाने का पुण्य कार्य किया जा रहा है। 

संभागीय आयुक्त एवं नगर निगम के प्रशासक आशीष सक्सैना एवं नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा की पहल पर निगम के अमले द्वारा एक अभियान रैन बसेरा के तहत प्रतिदिन रात्रि के समय शहर में घूम-घूम कर ऐसे नागरिकों के पास जाते हैं जो कि किसी न किसी मजबूरी के कारण खुले में सोने को मजबूर हैं। ऐसे नागरिकों को नगर निगम की कार में बैठाकर उन्हें आसपास के रैन बसेरा में पंहुचाया जाता हैं। 

जहां उन्हें एक पलंग, साफ सुथरे रजाई गद्दे, गर्म पानी, शौचालय एवं पीने के पानी, अलाव सहित आवश्यक मूलभूत सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। जिससे खुले में रात बिताने को मजबूर व्यक्ति अच्छे माहौल में रात्रि विश्राम करते हैं और नगर निगम की सराहना करते हैं। उपायुक्त डाॅ प्रदीप श्रीवास्तव ने बताया कि नगर निगम द्वारा प्रतिदिन अभियान चलाकर 20 से 25 नागरिकों को उनके आस पास के रैन बसेरों में पंहुचाया जाता है। जहां उन्हें मूलभूत आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाति हैं। जिससे वह अच्छे से बिना सर्दी के रात बिता सकें। 

डाॅ श्रीवास्तव ने बताया कि निगम द्वारा दो वाहन इस हेतु लगाए गए हैं जो कि प्रतिदिन रात्रि के समय भ्रमण कर खुले आसमान के नीचे सोने वाले लोगों को रैन बसेरा पंहुचाते हैं। निगम द्वारा अभी तक लगभग 190 लोगों को इस अभियान के तहत रैन बसेरा पंहुचाया गया है। इसके साथ ही प्रत्येक रैन बसेरा के मैनेजर भी अपने आस पास के क्षेत्र में बाहर सोने वाले नागरिकों को रैन बसेरा तक पंहुचाने की व्यवस्था करते हैं, वहीं पुलिसकर्मियों को भी इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा निर्देश दिए गए कि खुले आसमान के नीचे सोने वाले नागरिकों को रैन बसेरा पंहुचाने की व्यवस्था कराएंगे।