संत रविदास जयंती के उपलक्ष्य में हुआ आयोजन…

संत रविदास जी के बताए मार्ग पर चलकर जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाएँ : सिंधिया

ग्वालियर। कोई भी व्यक्ति जन्म से नहीं कर्म से महान बनता है। संत रविदास जी ऐसी ही महान आत्माओं में से एक थे। हमें संत रविदास जी की पूजा ही नहीं उनके बताए मार्ग पर चलकर अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के प्रयास करने चाहिए। इस आशय के विचार पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अजाक्स द्वारा संत सिरोमणि गुरू रविदास जी की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में व्यक्त किए। 

समारोह की अध्यक्षता सांसद  विवेक नारायण शेजवलकर ने की। इस अवसर पर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर भी बतौर विशिष्ट अतिथि मौजूद थे। इस अवसर पर अजाक्स कार्यालय परिसर में संत शिरोमणि रविदास जी की प्रतिमा का अनावरण भी किया गया। 

शनिवार को यहाँ ठाठीपुर स्थित अजाक्स कार्यालय परिसर में आयोजित हुए कार्यक्रम में अतिथियों ने समाज के संतजन एवं समाज सेवियों को शॉल-श्रीफल एवं प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया। राज्यसभा सांसद श्री सिंधिया ने कहा कि 600 वर्ष से अधिक समय व्यतीत हो जाने के बाबजूद संत रविदास जी के सिद्धांत एवं विचार आज भी प्रासंगिक हैं। वे केवल महान संत ही नहीं अपितु दर्शनशास्त्री एवं कवि भी थे। 

इतने सारे गुणों का समावेश होने से वे महान संत कहलाए और समाज को सही रास्ता दिखाया। श्री सिंधिया ने कहा कि संत रविदास ने संदेश दिया कि भगवान उसी के हृदय में निवास करते हैं जिसमें भेदभाव, द्वेष व लालच न हो। आत्मा शुद्ध हो। किसी के प्रति मन में नकारात्मक भाव न हों। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भारत को विश्व पटल पर ऊँचा उठाने के लिये दलितों एवं शोषित लोगों को राष्ट्र की मुख्यधारा में जोड़ने का काम कर रहे हैं। यही संकल्प हम सबका होना चाहिए। 

श्री सिंधिया ने कहा कि प्रतिस्पर्धा के दौर में हम तभी मजबूत बनेंगे जब एक दूसरे का हाथ थामकर एक लड़ी के रूप में भारत माता की सेवा करेंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान युग में शिक्षा ही सबसे बड़ा हथियार है। इसलिये अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोग शिक्षित होकर प्रदेश एवं देश के भविष्य के शिल्पकार बनें, यही संत रविदास जी के प्रति सच्ची श्रृद्धांजलि होगी। 

सांसद विवेक नारायण शेजवलकर ने कहा कि भारतीय संस्कृति व मूल्यों के संरक्षण में संतों की सदैव से विशेष भूमिका रही है। इसीलिए तमाम बाहरी हमलों के बाबजूद हमारी संस्कृति की ध्वजा आज भी फहरा रही है। संत रविदास जी उसी संत परंपरा के श्रेष्ठ संतों में से एक थे। संत रविदास जी ने समाज को भक्ति के साथ-साथ आध्यात्मिक मार्ग का पाठ पढ़ाया। 

श्री शेजवलकर ने इस अवसर पर यह भी कहा कि हमारे संतों ने समाज व देश को जोड़ने के लिये जो परंपरा शुरू की उसे हम आगे बढ़ाएँ, यही संत रविदास जी के प्रति हम सबकी सच्ची श्रृद्धांजलि होगी। श्री शेजवलकर ने कहा कि हमारी कोई भी विचारधारा हो पर अपनी संस्कृति को नहीं भूलना चाहिए। बाबा साहब आम्बेडकर ने भी कभी अपनी संस्कृति से नाता नहीं तोड़ा। 

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने संत शिरोमणि रविदास जी के विचारों का स्मरण करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार अनुसूचित जाति, अनुसूचितजनजाति वर्ग एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के कल्याण के लिये लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा सरकार ने इन वर्गों के उत्थान के लिये कारगर योजनायें बनाई हैं। साथ ही घर-घर पात्रता पर्ची पहुँचाकर खाद्यान्न सुरक्षा भी दी है। मंत्री श्री तोमर ने भव्य अजाक्स कार्यालय बनाने में पूर्ण सहयोग देने का भरोसा भी दिलाया।