पहले से है 33630 करोड़ का कर्जा...

बजट से पहले 3000 करोड़ का लोन लेगी शिवराज सरकार !

22 फरवरी से शुरू होने वाले बजट सत्र से 10 दिन पहले शिवराज सरकार खुले बाजार से 3000 हजार करोड़ रुपए का कर्ज लेने जा रही है. जिसका नोटिफिकेशन वित्त विभाग की तरफ से जारी किया गया है. राज्य सरकार इस वित्तीय वर्ष में अब तक 33630 करोड़ रुपए का कर्ज ले चुकी है. बताया जा रहा है कि 16 फरवरी को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की  आक्शन करेगी, जबकि 17 फरवरी को बिड ओपन होगी. इसमें पता चलेगा कि निवेशक कितने प्रतिशत ब्याज पर मध्य प्रदेश सरकार को कर्ज देने को तैयार हैं. जो भी कम दर पर कर्जा देगा राज्य सरकार उससे 10 साल के 3 हजार करोड़ रुपए का कर्ज लेगी. वित्तमंत्री जगदीश देवड़ा कर्ज लेने के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है. इससे पहले शिवराज सरकार ने नए साल की शुरूआत पर भी 1000 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था. यह कर्ज भी खुले बाजार से लिया गया था. यह कर्ज सप्लीमेंट्री बजट से पहले लिया गया था. अब तक शिवराज सरकार कुल 18 बार कर्ज ले चुकी है. 

फरवरी के अंत में संभावित बजट सत्र में सप्लीमेंट्री बजट आना है. उससे पहले ही राज्य सरकार ने 1000 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था. इसके पहले भी शिवराज सरकार ने 20 दिसंबर को खुले बाजार से 2000 करोड़ का कर्ज लिया था. जिसके बाद केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने मध्यप्रदेश सरकार के लिए कर्ज लेने की लिमिट तय कर दी थी. आपको बता दें कि केन्द्र सरकार ने मध्यप्रदेश को वित्तीय वर्ष 2020-21 में 34003 करोड़ के कर्ज लेने की अनुमति दी थी. जबकि मौजूदा वक्त में मध्य प्रदेश पर बाजार का कुल 32630 करोड़ का कर्ज हो चुका है. अब मार्च 2021 तक शिवराज सरकार 1373 करोड़ रुपये का कर्ज और ले सकती है. साल 2018 के अंत में यह कर्ज 1 लाख 80 हजार करोड़ था. इसका असर जनता को बढ़े हुए टैक्स के रूप में चुकाना पड़ सकता है. 

बता दें कि इससे पहले भी कोरोना संक्रमण के कारण पैनडेमिक के बीच मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सामने सरकारी खजाने की स्थिति सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई थी. जिसके कारण उन्होंने 20 दिंसबर को 6.76 फीसदी सालाना ब्याज दर पर 20 साल की अवधि के लिए बाजार से 2000 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था. मध्य प्रदेश का विधानसभा का बजट सत्र 22 फरवरी से शुरू होने जा रहा हैं. जहां 26 फरवरी को विधानसभा में बजट पेश होगा. मुख्यमंत्री बजट को लेकर लगातार विशेषज्ञों के साथ मंथन कर रहे हैं. वहीं वित्त विभाग बजट की तैयारी में जुटा हुआ है. इस बार का बजट पेपर लेस होगा.  कैबिनेट बैठक में यह फैसला हुआ था कि मध्य प्रदेश का बजट भी पेपरलेस होगा. वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा टैबलेट से बजट पेश करेंगे. सदन के सदस्यों और मीडिया कर्मियों को बजट का ब्यौरा पीडीएफ फॉर्मेट में उपलब्ध कराया जाएगा. मुख्यमंत्री शिवराज चौहान पहले ही कह चुके हैं कि इस बार के बजट में ''आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश'' पर फोकस होगा.