भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार समन्वय समिति एवं...

सोशल मीडिया पत्रकार महासंघ ने पत्रकारों को दिए आवश्यक निर्देश

पत्रकारिता का ग्लैमर सहज ही युवाओँ को अपने तरफ आकर्षित कर लेता है और एक युवा पत्रकार कब पत्रकारिता की सीमा रेखा पार कर जाता है उसे पता ही नहीं चलता। पत्रकार क्या है, उसकी सीमारेखा क्या है, इन्हें जानना जरूरी है। हर पत्रकार को अपनी सीमा एवं पत्रकारिता की मर्यादा का ध्यान रखते हुए निम्न बिन्दुओं पर विचार करना चाहिए।

1- पत्रकार किसी विचारधारा से प्रभावित होकर खबरों का प्रकाशन या प्रसारण न करें।

2- पत्रकारिता करते समय हमेशा न्यायप्रिय एवं निष्पक्ष रहें तथा संबंधित खबर की पूरी जानकारी रखें।

3- समाचारों में तथ्यों को तोड़-मरोड़  या कोई सूचना छिपा कर खबर की मूल आत्मा के साथ खिलवाड़ न करें।

4-व्यवसायिक गोपनीयता का निष्ठा पूर्वक अनुपालन करें।

5- अपने पद और पहुंच का उपयोग गैर पत्रकारीय कार्यो के लिए न करें।

6- पत्रकारिता की मर्यादा को ध्यान में रखते हुए सुविधा शुल्क लेकर (paid news) प्रकाशित न करें।

7- किसी के व्यक्तिगत जीवन में अफवाह फैलाने के लिए पत्रकारिता का उपयोग न करें, पत्रकारिता के इस मर्यादा का ध्यान रखें, यदि इसके लिए जन दबाव हो तो भी को संतुलित रहें।

यह भी ध्यान रखें कि -

  • पीड़ित पक्ष को भी अपना जवाब देने या खंडन करने का अवसर दें और उन्हें सुनें।
  • किसी के निजी मामलों को अनावश्यक प्रचार न करें।
  • निजी दुःख वाले खबरों को मानवीय हित के नाम पर आंख बंद कर न परोसें।
  • धार्मिक खबरों में सभी सम्प्रदायों और समुदायों को समान आदर दें।
  • अपराध मामलों में विशेषकर यौन उत्पीड़न एवं बच्चों से सम्बंधित खबरों में यह संयम बरतें।
  • खबरों से न्यायालय की अवहेलना न करें।
  • देश की रक्षा और विदेश नीति के मामले को कवरेज करते समय देशहित एवं देश की मर्यादा का हमेशा ध्यान रखें।
  • न्यायालय जब तक किसी का अपराध सिद्ध न कर दे, उसके लिए अपराधी के जगह आरोपी शब्द का प्रयोग करें। सम्वेदनशीलता का परिचय देते हुए अपराध से जुड़े प्रत्येक बिंदुओं पर गम्भीरता से विचार करके ही खबरों का प्रकाशन करें।