शहद प्रसंस्करण के संबंध में एक दिवसीय कार्यशाला संपन्न...

खेती को लाभ का धंधा बनाने शहद उत्पादन को दें बढ़ावा : श्री वर्मा

मुरैना। खेती को लाभ धंधा बनाने के लिये कृषक शहद उत्पादन को बढ़ावा दें, यह कृषि को लाभ का धंधा बनाने में सहायक होगा। इसके लिये भारत सरकार ने शहद उत्पादन में 5 जिले चयनित किये है, जिसमें मध्यप्रदेश का मात्र मुरैना जिला शहद उत्पादन के लिये चयनित किया गया है। हम सभी को यह प्रयास करने होंगे कि मुरैना का शहद अच्छी मात्रा में पैकिंग होकर देश के कोने-कोने में जायें, जिससे मुरैना का नाम भी रोशन होगा और किसान की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। इसके लिये अधिक से अधिक किसान मधुमक्खी पालन की ओर प्रेरित हों। यह बात कलेक्टर अनुराग वर्मा ने कृषि विज्ञान केन्द्र मुरैना में एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित करते हुये कही। कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा है कि केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा शहद उत्पादन को बढ़ावा देने के लिये एक जिला एक उत्पाद के लिये प्रयास किये जा रहे है, इसके लिये मुरैना जिले को शहद उत्पादन के लिये चयनित किया गया है। 

इसमें उद्योग संचालक इसमें रूचि लेकर उत्पादन होने वाले शहद को प्रोसेसिंग, पैकेजिंग करके एक अच्छा ब्रांड तैयार करें, जो देश के कोने-कोने में शहद पहुंचकर मुरैना का नाम रोशन कर सके। कलेक्टर ने कहा कि रौ मटेरियल भी आसानी से प्राप्त हो जायेगा, जिसके लिये कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा कृषकों एवं व्यापारियों को प्रशिक्षण बतौर बता दिया जायेगा। हमारे जिले में 6 लाख बाॅक्स लगाने की क्षमता है, जबकि अभी मात्र 1 लाख बाॅक्स ही जिले में लगे हुये है। शहद लोंगो के लिये बहुत लाभदायक है, पहले शहद का उपयोग नहीं किया जाता था, किन्तु आज हर व्यक्ति स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुये शहद के लिये रूख करने लगा है। उन्होंने कहा कि मुरैना में विशेषकर गजक का उत्पादन किया जा रहा है, इसके अलावा सबसे अधिक मात्रा में पीला सोना (सरसों) की पैदावार होती है, जिससे तेल की मात्रा अधिक तादायत में प्राप्त होती है। 

इसके साथ ही मुरैना के स्ट्राॅन कटिंग की मांग देश के अलावा विदेशों में बहुत तादायत में की जा रही है। अब भारत सरकार ने शहद उत्पादन के लिये भी मुरैना को चयनित किया है। इन सभी से लोंग जुड़े और अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने के साथ-साथ शहद उत्पादन में मुरैना का नाम रोशन करें। खादी ग्रामोद्योग के सचिव रनसिंह ने कहा कि मुरैना के लोंगो के लिये यह बहुत बड़ी खुश खबरी है कि केन्द्रीय कृषि मंत्री भी मुरैना से ब्लाॅंग करते हुये, कृषि के क्षेत्र में जितना सहयोग बन पड़ेगा, वे करने के लिये तैयार है, रही बात शहद उत्पादन में जब शासन-प्रशासन तकनीकी ज्ञान एवं मशीनरी उपलब्ध करा रहा है तो मधुमक्खी पालन को मुरैना जिले में विस्तार रूप देना अतिआवश्यक है। 100 गांव केे कृषक यह धारणा बनायें कि हमें शहद को बढ़ावा देना है तो इससे एक हजार लोगों को अवश्य रोजगार मिल सकेगा।