कवरेज करने पहुंचे पत्रकार को रोका...

चिरुला आरटीओ बेरियर पर रात को चेकिंग के नाम पर वसूली

दतिया। दतिया में ग्रहमन्त्री डॉ नरोत्तम मिश्रा जहाँ एक ओर विकास की नई नई सौगाते ला रहे है वहीं दूसरी ओर सरकारी नुमाइंदे जनता से लूट खसोट ओर भृष्ट तरिके से काम कर रहे है। खास बात यह है कि जब कभी मौके पर कोई पत्रकार कर्मचारियों के काले कारनामे अपने कैमरे में कैद करता है यह कर्मचारी पत्रकार से ही उलझने लगते है। ताजा नामले के अनुसार जिले के युवा और खोजी पत्रकार अंकित जैन कल अपने पिता की दवाइयां लेने झांसी गए थे लौटते में उन्हें रात हो गयी। रात को 8,9 बजे के बीच जब वह चिरुला आरटीओ बेरियर के सामने से निकले तो ट्रको की लंबी कतारें लगी हुई थी एवँ ट्रक चालकों से कागजात दिखाने के एवज में 3 ,3 हजार की बसूली की जा रही थी। 

पत्रकार ने जब यह नजारा देखा तो मोबाइल में वीडियो रेकॉर्ड करना शुरू किया। आरटीओ बेरियर  कर्णचरियो को पता लगा कि उनकी कारगुजारी मोबाइल में कैद हो रही है तो वह बोंखला गए एवँ पत्रकार अंकित जैन को रोकते हुए वीडियो बनाने से मना कर दिया एवँ कहा कि आप जनसंपर्क अधिकारी से परनीशन लेकर आइए। इतना ही नही आरटीओ वेरियर के कर्मचारियों ने उल्टा पत्रकार का ही वीडियो बनाना शुरू कर दिया और इस तरह के सवाल किए जिससे लगे कि यह पत्रकार पैसे मांग रहा था। 

अब सवाल यह उठता है कि यदि दतिया में किसी भी पत्रकार को कोई कार्य गलत होता दिखता है वह वीडियो क्यों नही बनाएगा क्या उसे पहले जनसंपर्क अधिकारी की परमिशन लाना होगी। जिले के पत्रकारो के कार्य मे बाधा डालने का यह नया चलन चल पड़ा है। इस तरह होता रहा तो कोई भी पत्रकार स्वतन्त्र रूप से अपना कार्य ही नही कर सकेगा और प्रशासन एवं कर्मचारियों का यह रवैया हो जाएगा कि वह जो चाहे वह कर सकेंगे। जिले के कलेक्टर महोदय को शासन प्रशासन को बदनाम करने वाले कर्मचारियों पर अंकुश लगाना चाहिए साथ ही पत्रकारो के कार्य मे कोई बाधा न बने यह व्यवस्था भी होनी चाहिए।