2 उपयंत्रियों सहित एसई, कमिश्नर को नोटिस...

निगम के अधिकारी लापरवाही से कार्य न करें : कलेक्टर

मुरैना। नगर निगम के अन्तर्गत चल रहे निर्माण कार्यो की कलेक्टर बी. कार्तिकेयन ने शुक्रवार को नवीन कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा की। समीक्षा के दौरान 2 उपयंत्री एवं सहायक यंत्री अनुपस्थित रहने पर तथा कार्य प्लानिंग से न होने पर नगर निगम कमिश्नर श्री गुप्ता को नोटिस देने के निर्देश दिये। कलेक्टर बी. कार्तिकेयन ने समीक्षा के दौरान प्रजेन्टेशन में पाया कि जिले की नगरीय निकायों में 128 करोड़ रूपये की लागत से सीवरेज परियोजना का कार्य प्रगति पर है, प्रथम चरण में 6 हजार 395 चंेबर, 153 किलोमीटर लम्बाई की सीवर लाइन बिछाई गई। 25 एमएलडी का सीवरेज शोध संयंत्र क्षमता का निर्माण किया जाना था, इसके 24 वार्डो के 26 हजार 585 परिवारों को सीवेज कनेक्शन देने थे, जो निर्धारित सीमा पूरे नहीं हुये। यह कार्य 31 दिसम्बर 2020 तक होना था। जिस पर कलेक्टर ने असंतोष व्यक्त करते हुये इस कार्य को 15 मार्च 2021 तक पूर्ण करने के निर्देश दिये। 

कलेक्टर श्री कार्तिकेयन ने निर्देशों में कहा है कि मुझे कार्य प्राथमिकता से चाहिये, निगम के उपयंत्री लापरवाही बरतेंगे तो मैं उनके खिलाफ सख्त कार्रवाही करूंगा। उन्होंने कहा कि सीवर निर्माण का कार्य शेष बचा हुआ है, उसको 45 दिन में प्रतिदिन के हिसाब से लक्ष्य मानकर चलें। हर हाल में यह कार्य नगरीय निकायों के चुनाव प्रारंभ होने से पहले पूर्ण होना चाहिये। इसके लिये कलेक्टर कार्यपालन यंत्री ललित शर्मा को निर्देश दिये है कि प्रतिदिन 300 कनेक्शन और प्रतिदिन रेस्टोरेशन का कार्य 500 मीटर किया जाना सुनिश्चित करें। जिसके फोटोग्राफ्स प्रतिदिन नगर निगम कमिश्नर के माध्यम से मुझे प्राप्त होने चाहिये। जिस दिन लक्ष्य के मुताबिक कार्य नहीं हुआ तो उस दिन नगर निगम कमिश्नर श्री गुप्ता ललित शर्मा को शोकाज नोटिस जारी करेंगे। शोकाज नोटिस जारी होने के बावजूद भी चुनाव की ललित शर्मा को सेवा से बर्खास्त करने की कार्रवाही की जायेगी। कलेक्टर बी. कार्तिकेयन ने कहा है कि अधिकारी प्लानिंग से कार्य करें तो सभी कार्य आसानी से पूर्ण हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि मेरी बैठक में किसी भी स्तर के अधिकारी बिना तैयारी के उपस्थित न रहें, मुझे बैठक में मूकबधिर या बैठक से संबंधित जानकारी न देने वाले अधिकारी कतई मंजूर नहीं है। 

कलेक्टर बी. कार्तिकेयन ने निगम के समस्त अधिकारियों को निर्देश दिये है कि नगर निगम के सफाई कार्य में किसी भी प्रकार की कोताई नहीं होनी चाहिये। निगम के 47 वार्डो में सफाई दरोगा के अलावा सफाई मित्र और एक-एक वार्ड प्रभारी नियुक्त करें। वार्ड प्रभारियों की नगर निगम कमिश्नर बैठक लें, जिसमें वार्ड के संबंध में संपूर्ण जानकारी उसके पास होनी चाहिये। कौन सा वाहन कब कहां से आयेगा, कब कचरा उठेगा, कौन सफाई कर्मी किस गली में कहां पर सफाई करता है। यह सब जानकारी मोबाइल नंबर वार्ड प्रभारियों पर होनी चाहिये। मेरे द्वारा अक्समात्र किसी भी वार्ड का भ्रमण किया और मुझे वहां पर गंदगी पाई गई तो संबंधित वार्ड प्रभारी से दूरभाष पर चर्चा करूंगा और उसने संतोषजनक जबाव नहीं दिया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाही होगी। उन्होेंने कहा कि शहर के 700 सफाईकर्मी लगाये गये है, जिसमें 600 सफाईकर्मी सुबह, 60 सफाईकर्मी रात में और 300 सफाईकर्मी सुबह-शाम के मिलाकर शाम को सफाई कार्य करते है।