9 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस...

अधिकारी देखते हैं, करवाता हूं जैसे शब्दों का उपयोग न करें : कलेक्टर

मुरैना। कलेक्टर बी. कार्तिकेयन ने कहा है कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में अधिकारी ऐसे शब्द इस्तेमाल न करें कि देखता हूं, दिखवाता हूं या निर्देश दे दिये हैं। निर्देश देने का काम सिर्फ और सिर्फ भोपाल का होता है, जिलों में बैठे हुये एचओडी का कार्य धरातल पर दिखे और उनको मूर्त रूप दें यह होना चाहिये। ये निर्देश उन्होंने बुधवार को नवीन कलेक्ट्रेट सभाकक्ष मुरैना में संचालित कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को दिये है। बैठक में 9 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाही करते हुये कारण बताओ नोटिस, वेतनवृद्धि तथा वेतन काटने के निर्देश दिये। कलेक्टर बी. कार्तिकेयन ने कोविड टीका की समीक्षा की, जिसमें शासन के निर्धारित लक्ष्य के अनुसार जिले में प्रतिदिन 300 लोगों का कोविड टेस्ट कराने के निर्देश थे, जिसमें यह आंकडा 250 तक ही प्रतिदिन किया गया। इसके अलावा जिन लोगों को वैक्सीन लगनी थी, वह कार्य भी शत-प्रतिशत नहीं हुआ। 

कलेक्टर श्री कार्तिकेयन ने वैक्सीन न लगवाने वाले कर्मचारियों की जानकारी सीएमएचओ से प्राप्त की। जिस पर सीएमएचओ डाॅ आरसी बांदिल वर्गवार जानकारी से अवगत न करा सके। इस पर कलेक्टर ने उनकी एक वेतनवृद्धि रोकने का नोटिस तथा तीन दिन का वेतन काटने के निर्देश दिये। कलेक्टर श्री कार्तिकेयन ने कहा कि जिले में सात टीकाकरण केन्द्रों पर 100-100 के मान से 3600 लोगों को वैक्सीन लगानी थी, जिसमें मात्र 2401 लोगों को वैक्सीन लगाई गई है। जिसमें ऐसे कितनी महिला पुरूष हैं जो किन्ही कारणवस यह टीका नहीं लगवा सके। ऐसे कितनी गर्भवती महिला हैं या ऐसे कितने कर्मचारी हैं जो जिले से बाहर हैं उनकी जानकारी उपलब्ध नहीं करा सके। 

कलेक्टर ने निर्देश दिये कि जिले में ऐसे कितने टेस्टिंग के सेंटर बनाये गये थे, उनको प्रतिदिन 300 का लक्ष्य दिया गया था। प्रतिदिन टेस्टिंग रिपोर्ट लक्ष्य से कम आई है। जिले में ऐसे 1 हजार कर्मी कौन से हैं, जिन्होंने कोविड वैक्सीन का टीका नहीं लगवाया है उनकी जानकारी सारणी में लिखित में प्रस्तुत करें। कलेक्टर श्री कार्तिकेयन ने कहा है कि जिले में टीके का कार्य शतप्रतिशत पूर्ण नहीं हुआ है, यह कार्य 89 प्रतिशत ही क्यों, 11 प्रतिशत ऐसे कौन से छूटे हुये बच्चे है, इसके लिये सीएमएचओ टीकाकरण के दिन सभी ब्लाॅक स्तर के अधिकारियों से इस प्रकार के निर्देश दें कि प्रत्येक मंगल और शुक्रवार को टीकाकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिये। उन्होंने समस्त एसडीएम को निर्देश दिये कि अपने-अपने क्षेत्र में यह सुनिश्चित करें कि शतप्रतिशत टीका होना चाहिये।