मेले में लगे हैं देश के 17 राज्यों के स्टॉल…

राज्य मंत्री श्री कुशवाह ने किया खादी मेले का शुभारंभ

ग्वालियर। उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) भारत सिंह कुशवाह ने रविवार की शाम खादी एवं ग्रामोद्योग एक्सपो 2020 (खादी मेला) का दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया। उन्होंने इस अवसर पर कहा इस प्रकार के मेलों से खादी सहित हाथ से बने अन्य उत्पादों को बढ़ावा मिलता है। ग्वालियरवासी इस मेले का लाभ उठाकर देश के विभिन्न हिसों में बनने वाले एक से बढ़कर एक खादी के वस्त्र, गर्म कपड़े एवं अन्य कलात्मक उत्पाद सस्ती दर पर प्राप्त कर सकते हैं। श्री कुशवाह ने खादी मेला आयोजित करने के लिये मध्य भारत खादी संघ की सराहना की। उन्होंने कहा मध्य भारत खादी संघ द्वारा दुकानदारों के लिये बेहतर सुविधायें मुहैया कराई गई हैं। श्री कुशवाह ने शहरवासियों से अपील की है कि मेला में मास्क लगाकर आएं और सोशल डिस्टेसिंग का पालन भी करें। 

उन्होंने खादी मेला के विभिन्न स्टॉलों का जायजा लिया। साथ ही खरीददारी भी की। यहाँ वीरांगना लक्ष्मीबाई समाधि के सामने फूलबाग मैदान पर लगे खादी मेले में देश के 17 प्रांतों के हस्तशिल्प कलाकार एक से बढ़कर एक वस्त्र एवं कलात्मक उत्पाद लेकर आए हैं। इनमें जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, गुजरात, उत्तरप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, कर्नाटक एवं मध्यप्रदेश शामिल हैं। खादी मेले में कश्मीर की पसमीना शॉल व विश्व विख्यात फेरन शॉल से लेकर अत्यंत आकर्षक गर्म कपड़े, सदरी, जैकेट, महिलाओं के गर्म परिधान, सहारनपुर के फर्नीचर इत्यादि विशेष छूट के साथ उपलब्ध हैं। खादी और गर्म कपड़ों के साथ यहां फैशन ज्वैलरी की लेटेस्ट और कालीन की श्रृंखला मौजूद हैं। खानपान के शौकीनों के लिए अमेरिकन भुट्टा, तंदूरी चाय, मूंगफली चाट, मुंबईया भेलपुरी, अचार, पापड़ सहित अनेक प्रकार के उत्पाद भी सैलानियों के लिये उपलब्ध हैं। 

मध्य भारत खादी संघ के अध्यक्ष वासुदेव शर्मा ने बताया कि खादी मेला 31 जनवरी तक प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से रात्रि 8 बजे तक सैलानियों के लिये खुला रहेगा। खादी मेले का आयोजन कर रही संस्था मध्य भारत खादी संघ राष्ट्रीय ध्वज बनाने वाली देश की अग्रणी संस्था है। हुबली एवं मुम्बई की संस्था के बाद मध्य भारत खादी संघ का नाम आता है। पिछले साल इस संस्था द्वारा 90 लाख रूपए के राष्ट्रीय ध्वज की बिक्री की गई थी। इस साल भी कोरोना संकट के बाबजूद संस्था द्वारा अब तक 32 लाख रूपए के राष्ट्रीय ध्वज विक्रय किए जा चुके हैं। संस्था के अध्यक्ष वासुदेव शर्मा ने बताया कि मध्य भारत खादी संघ का गठन सन् 1924 में गाँधी जी द्वारा चलाए गए चरखा आंदोलन से प्रेरित होकर किया गया था।