साइकिल चलाकर पुष्पांजलि अर्पित करने पहुंचे ऊर्जा मंत्री…

बाबासाहेब ने अपना समस्त जीवन भारत के कल्याण में लगा दिया : तोमर

ग्वालियर। डॉ. भीमराव अंबेडकर के व्यक्तित्व में स्मरण शक्ति की प्रखरता, बुद्धिमत्ता, ईमानदारी, सच्चाई, नियमितता, दृढ़ता, प्रचंड संग्रामी स्वभाव का मणिकांचन मेल था। उनकी यही अद्वितीय प्रतिभा अनुकरणीय है। वे एक मनीषी, योद्धा, नायक, विद्वान, दार्शनिक, वैज्ञानिक, समाजसेवी एवं धैर्यवान व्यक्तित्व के धनी थे। वे अनन्य कोटि के नेता थे, जिन्होंने अपना समस्त जीवन समग्र भारत की कल्याण कामना में उत्सर्ग कर दिया। 

दलित को सामाजिक व आर्थिक तौर से अभिशप्त थे, उन्हें अभिशाप से मुक्ति दिलाना ही डॉ. अंबेडकर का जीवन संकल्प था। उक्त बात रविवार को कैबिनट मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने भारत रत्न, संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस के अवसर पर डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कही। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष कमल माखीजानी ने कहा डॉ. अंबेडकर का लक्ष्य था- सामाजिक असमानता दूर करके दलितों के मानवाधिकार की प्रतिष्ठा करना। पूर्व विधायक मुन्ना लाल गोयल ने विचार व्यक्त करते हुए कहा बाबासाहेब को याद करते हुए कहा कि उनके विचार और आदर्श लाखों लोगों को ताकत देते हैं।

बाबासाहेब ने राष्ट्र के लिए जो सपने देखे थे हम उन सपनों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनके विचार हम सभी को प्रेरित करते रहेंगे। इस अवसर पर, राकेश जादौन, जयप्रकाश राजौरिया, महेश उमरैया, दीपक शर्मा राकेश माहौर, सुमन शर्मा, अशोक शर्मा, विनोद शर्मा, जयंत शर्मा, ओमप्रकाश धनोल, धर्मेन्द्र आर्य, संतोष गोडयाले, हरीश मेवाफरोश रेशु राजावत, सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे।