बड़े होते आंदोलन से सरकार पर दबाव…

किसानों के भारत बंद को मिला 12 दलों का समर्थन

कृषि बिल के खिलाफ किसानों के आंदोलन का आज 12वां दिन है. इन बारह दिनों में किसान आंदोलन जंगल की आग की तरह देशभर में फैल चुका है, और ये आंदोलन दिल्ली की सीमा सील करने से आगे बढ़ते हुए भारत बंद तक पहुंच चुका है. किसान संगठनों ने 8 दिसंबर यानी कल शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते हुए भारत बंद का एलान किया है. किसानों के भारत बंद के समर्थन में पंजाब और हरियाणा की मंडियां, पेट्रोल-डीजल एसोसिएशन और दिल्ली ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने भी बंद के समर्थन का एलान किया है. भारत बंद से पहले आज चंडीगढ़ के सेक्टर-17 ग्राउंड में बड़ा प्रदर्शन होने वाला है. 

राजस्थान के किसान दिल्ली कूच करेंगे. बेंगलूरु में किसानों के समर्थन में अनिश्चितकालीन धरना होगा. किसान संगठन पहले दिन से अपनी मांगों को लेकर बिल्कुल स्पष्ट हैं कि जब तक कानून वापस नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा चाहे लड़ाई कितनी लंबी क्यों ना हो जाए. किसान संगठनों की शिकायत है कि सरकार सुनने के लिए तैयार नहीं हो रही है, लेकिन किसान भी तब तक टस से मस नहीं होंगे जब तक मांगें मान न ली जाएं. बसपा सुप्रीमो मायावती भी किसानों के समर्थन में उतर आई हैं. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि कृषि से सम्बंधित तीन नये कानूनों की वापसी को लेकर पूरे देश भर में किसान आन्दोलित हैं व उनके संगठनों ने दिनांक 8 दिसम्बर को भारत बंद का जो एलान किया है, बीएसपी उसका समर्थन करती है. 

साथ ही, केन्द्र से किसानों की मांगों को मानने की भी पुनः अपील भी करती है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सोमवार को सिंघू बॉर्डर पर जाने की संभावना है, जहां केंद्र के नए कृषि कानूनों के विरोध में हजारों किसान बीते कई दिन से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.आम आदमी पार्टी (आप) ने किसान संगठनों द्वारा आठ दिसंबर को बुलाए गए ‘भारत बंद’ को रविवार को समर्थन दिया था. केजरीवाल ने रविवार को कहा था कि देशभर में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता राष्ट्रव्यापी हड़ताल का समर्थन करेंगे. उन्होंने सभी नागरिकों से किसानों का समर्थन करने की अपील भी की थी.