रोको-टोको अभियान के तहत प्रशासन की अनूठी पहल…

लोगों से मास्क न पहनने पर सजा के तौर पर लिखवाया निबंध

ग्वालियर। कोविड-19 के संक्रमण को देखते हुए लापरवाही बरतने वाले युवाओं को बैठना पड़ा खुली जेल में । जेल में सजा के रूप में युवाओं से लिखाया गया कोरोना के संबंध में निबंध। रोको-टोको अभियान के तहत गुना जिले में किया गया अनूठा प्रयोग। संभागीय आयुक्त आशीष सक्सेना की पहल पर ग्वालियर संभाग में कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम के लिये रोको-टोको अभियान संचालित किया जा रहा है। 

अभियान के तहत गुना जिला मुख्यालय पर कलेक्टर कुमार पुरूषोत्तम ने शहर में भ्रमण के दौरान 43 युवाओं को बिना मास्क के घूमता पाया। युवाओं को मांगलिक भवन पर ले जाकर खुली जेल के रूप में रखा गया और सभी युवाओं को कोरोना के संबंध में निबंध लिखने की सजा सुनाई गई। इस विशेष प्रयोग के दौरान इस बात का ध्यान रखा गया कि 20 वर्ष से 50 वर्ष तक के युवकों को ही खुली जेल में रखकर निबंध लिखाने की सजा सुनाई गई। 

महिलाओं, बुजुर्गों और बीमार लोगों को आवश्यक समझाइश देकर मास्क प्रदान किए गए और घर से निकलते समय मास्क का उपयोग अवश्य करने की हिदायत दी गई। कलेक्टर गुना कुमार पुरूषोत्तम ने बताया कि रोको-टोको अभियान के तहत विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। लोगों को मास्क पहनने, सोशल डिस्टेंसिंग रखने तथा हाथों को सेनेटाइज करने की सलाह दी जा रही है। इसके साथ ही संकल्प पत्र भी भरवाए जा रहे हैं। शहर में बिना मास्क के घूमने वाले व्यक्तियों को मास्क की आवश्यकता एवं महत्व बताया जा रहा है। 

उन्होंने स्पष्ट किया कि खुली जेल में रखकर लोगों को सजा देना उद्देश्य नहीं है बल्कि कोरोना के प्रति सचेत करना उद्देश्य है। युवाओं को विशेष तौर पर मास्क की आवश्यकता को ध्यान में रखना जरूरी है। अम्बेडकर भवन गुना में बनाई गई खुली जेल में सभी युवाओं को बिठाकर कोरोना के संबंध में निबंध लिखवाया गया और लगभग दो घंटे रूकने के पश्चात उन्हें जलपान कराकर मास्क प्रदान किए और उनके घर के लिये रवाना किया। यह अभियान जिले में निरंतर जारी रहेगा।