राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार ने की विकास कार्यों की समीक्षा…

निर्माणाधीन सड़कों की गुणवत्ता की जाँच कराएँ : राज्य मंत्री

ग्वालियर। लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाई जा रहीं सड़कों की धीमी प्रगति और गुणवत्ता ठीक न होने पर उद्यानिकी व खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं नर्मदा घाटी राज्य मंत्री भारत सिंह कुशवाह ने नाराजगी जताई है। उन्होंने सड़कों की गुणवत्ता की जाँच तकनीकी समिति से कराने के निर्देश दिए। साथ ही कहा लोक निर्माण विभाग के ईएनसी (प्रमुख अभियंता) से भी सड़कों की गुणवत्ता की जाँच कराई जायेगी। श्री कुशवाह ने लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्रियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए हैं। 

राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार श्री कुशवाह शुक्रवार को कलेक्ट्रेट के सभागार में कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह की मौजूदगी में आयोजित हुई विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक में विकास कार्यों एवं सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। उद्यानिकी राज्य मंत्री श्री कुशवाह ने खासतौर पर रायरू से नयागाँव एवं मालनपुर से बेहट रोड़, हस्तिनापुर से चक महरोली व शनिदेव मंदिर रोड़ सहित मुरार ग्रामीण क्षेत्र की अन्य सड़कों के निर्माण में हो रही देरी और इन सड़कों के निर्माण की गुणवत्ता ठीक न होने पर नाराजगी जाहिर की। 

कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने श्री कुशवाह को आश्वस्त किया कि जिले में लोक निर्माण विभाग की सड़कों की गुणवत्ता की जाँच बारीकी से कराई जायेगी। जाँच के लिये गठित की जाने वाली समितियों में इंजीनियरिंग कॉलेज एवं राष्ट्रीय राजमार्ग के तकनीकी विशेषज्ञों को भी शामिल किया जायेगा। कलेक्टर ने बैठक में मौजूद एसडीएम व तहसीलदारों को निर्देश दिए कि सड़कों के निर्माण में रूकावट पैदा करने वाले लोगों को जेल भेजने की कार्रवाई करें।

बैठक की अन्य खास बातें -

रतनगढ़ माता मंदिर के समीप श्रृद्धालुओं के लिये बनेगा सामुदायिक भवन ।

छावनी क्षेत्र के विकास कार्यों को लेकर सेना के अधिकारियों से समन्वय के लिये समिति गठित होगी।

मंत्री श्री कुशवाह ने कहा कि मुरार क्षेत्र के मुख्य सड़क मार्ग के किनारे बसे गाँवों में स्ट्रीट लाइट लगवाएँ।

सड़क किनारे बसे गाँवों में प्रतीक्षालय बनवाने के लिये एस्टीमेट तैयार करें।

ग्रामीण अंचल में मंजूर स्वास्थ्य केन्द्र का निर्माण जल्द से जल्द शुरू हो।

हरसी हाईलेवल नहर से मुरार क्षेत्र के गाँवों को भी सिंचाई के लिये पानी मिले।

नामांतरण प्रकरणों का अभियान बतौर निराकरण कराएँ।