एंटी माफिया अभियान के तहत बुधवार को…

प्रशासन की संयुक्त टीम ने उद्योग विभाग की जमीन से हटाए कब्जे

एंटी माफिया अभियान के तहत बुधवार को प्रशासन की संयुक्त टीम ने गोला का मंदिर स्थित नारायण विहार में उद्योग विभाग की जमीन से बेजा कब्जे हटाए। इस जमीन की कीमत 4 करोड़ 10 लाख रुपए है। कृषि उपज मंडी के पास स्थित इस जमीन पर माफिया ने लोगों को 4 लाख रुपए तक की कीमत में प्लॉट बेचे । उधर, कांग्रेस नेता साहब सिंह गुर्जर के भाई की बेरजा स्थित खदान व क्रेशर की लीज निरस्त कर दी गई। नारायण विहार में कार्रवाई करते हुए करीब 14 बीघा जमीन पर हो चुके निर्माण कार्यों का हटाया गया है। जिसमें 17 प्लॉट की नींव उखाड़ी गई और 5 मकानों पर नोटिस चस्पा किए गए। इन पर अगले एक-दो दिन में कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम एचबी शर्मा, तहसीलदार महेश सिंह कुशवाह बुधवार को नगर निगमऔर पुलिस अमले के साथ मौके पर पहुंचे व कार्रवाई शुरू कराई। नारायण विहार के बाद प्रशासन की टीम एयरफोर्स स्टेशन रोड पहुंची। यहां पर भी माफिया ने सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा था। टीम ने कार्रवाई कर इस जमीन से भी अतिक्रमण हटाया। 

इस मामले में एसडीएम एचबी शर्मा का कहना है कि जिन लोगों ने प्लॉट बेचे हैं उनके दस्तावेज खरीदारों के पास हैं। उनसे कहा है कि वे पुलिस में विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई करें। प्रशासन भी ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेगा। नारायण विहार में बुधवार को जहां कार्रवाई की गई है, वहां लश्कर और मुरार एसडीएम के क्षेत्र हैं। जिसमें से मुरार एसडीएम क्षेत्र में कार्रवाई हुई। यहां लोगों को नोटरी के जरिए माफिया, उद्योग विभाग की जमीन बेच रहे हैं। जितनी भी नोटरी बुधवार को कार्रवाई के दौरान सामने आईं। उन सभी में सर्वे नंबर 122 दर्ज किया गया। जबकि, ये सर्वे नंबर यहां का है ही नहीं। इस सर्वे नंबर को नोटरी में दर्शाकर सरकारी सर्वे नंबर 376, 377 और 386 की करीब 1.212 हेक्टेयर जमीन को बेचकर माफिया लाखों रुपए ऐंठ गए हैं। 

यहां 800 से 1500 वर्गफीट तक के प्लॉट बेचे गए हैं। इनकी कीमत 2.50 लाख से 4 लाख रुपए तक वसूली गई है। माफिया के नाम व दस्तावेज सामने आने के बाद भी जिला प्रशासन का कहना है कि जिन लोगों ने प्लॉट खरीदे थे वे खुद थाने में जमीन बेचने वालों पर एफआईआर कराएं। सिमको चौराहे से शर्मा फार्म रोड के रास्ते पर बसे नारायण विहार में उद्योग विभाग को 900 बीघा जमीन इंडस्ट्रियल सेक्टर स्थापित करने के लिए दी गई थी। लेकिन विभाग वहां अब तक कोई सेक्टर स्थापित नहीं कर सका। माफिया ने इस जमीन को दूसरे सर्वे नंबरों के आधार पर बेचकर करोड़ों रुपए कमा लिए। सरकारी जमीन पर बसे नारायण विहार में 500 से अधिक मकान हैं। यहां अभी भी बेखौफ माफिया प्लॉट बेच रहे हैं। पिछले साल भी कृषि उपज मंडी से ठीक पहले ऐसे कई प्लॉट पर कार्रवाई हुई थी लेकिन अब फिर वहां निर्माण हो चुके हैं।