दीपावली पर साढ़े तीन गुना बढ़ी संक्रमण की दर…

ग्वालियर में पिछले 48 घंटों में मिले 145 संक्रमित

कोरोना संक्रमण की रफ्तार में एक बार फिर तेजी आना शुरू हो गई है। दीपावली से पहले यानी 11 नवंबर से 13 नवंबर तक के तीन दिन में संक्रमण दर 8.28 थी, इसमें 3670 सैंपलों की जांच की गई जिसमें से 304 लोगों को कोरोना होने की पुष्टि हुई थी। दीपावली की खरीदारी में बाजारों दिखी भीड़ का ही परिणाम है कि दीपावली और गोवर्धन पूजा (शनिवार और रविवार) के दिन यानी 47 घंटे में संक्रमण की दर बढ़कर 29.35 हो गई। इन दो दिनों में 494 सैंपलों की जांच की गई, इसमें से 145 नए कोरोना संक्रमित मिले। संक्रमण की रफ्तार का आंकलन इसी बात से लगाया जा सकता है कि धनतेरस व छोटी दीपावली (गुरुवार और शुक्रवार) 2588 सैंपलों की जांच की गई, इसमें से 187 पॉजिटिव आए थे और शनिवार व रविवार को 494 सैंपल में ही 145 पॉजिटिव मिल गए। जीआरएमसी के डॉ. प्रदीप प्रजापति का कहना है कि कोरोना संक्रमण अब तेजी से बढ़ रहा है। इसलिए इस मौसम में कोरोना संक्रमण को लेकर विशेष सावधानी बरतें। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें और मास्क लगाएं। जिले में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। 

रविवार को 54 नए काेरोना संक्रमित मरीज मिले। कंपू निवासी वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ, उनके पिता सहित परिवार के 8 लोगों को कोरोना होने की पुष्टि हुई है। एक को निजी अस्पताल तथा अन्य लोगों को घर में ही आइसोलेशन में रखा गया है। चिटनिस की गोठ निवासी कृषि कॉलेज में गेस्ट फेकल्टी, जागृति नगर निवासी 12 वर्षीय बच्चा, जयपुर से लौटे जनकगंज निवासी कोचिंग संचालक, खेड़ापति कॉलोनी निवासी युवक, एसएएफ की 13 बटालियन में पदस्थ आरक्षक की पत्नी व बेटा कोरोना पॉजिटिव निकला है। विनय नगर निवासी 50 वर्षीय ट्रांसपोर्टर व उनके परिवार के छह सदस्य सहित सात लोगों कोरोना होने की पुष्टि हुई है। इसमें ट्रांसपोर्टर व उनकी पत्नी, भाई, भाभी, बेटी, बहू और भानजी शामिल हैं। माल रोड निवासी अधिवक्ता व निजी अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर उनकी पत्नी संक्रमित निकले हैं। अधिवक्ता ने बताया कि चार दिन पूर्व उनके सास और ससुर को संक्रमण की पुष्टि हुई थी। आनंद नगर निवासी 27 वर्षीय महिला की मां दो दिन पूर्व संक्रमित निकली थीं और अब महिला संक्रमित हो गई हैं। 

कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए प्रशासन ने सरकारी और प्राइवेट स्तर पर व्यापक प्रबंध किए थे। अक्टूबर में कोरोना संक्रमण काफी कम हो गया। हालांकि अब बढ़ने लगा है। शासन द्वारा सरकारी और प्राइवेट कोरोना अस्पताल बनाए थे, इनमें से कई अस्पताल मरीज कम होने के कारण खाली पड़े थे। इसे देखते हुए प्रशासन ने 8 निजी एवं सरकारी कोविड अस्पतालों को बंद करने का निर्णय लिया है। इसके आदेश हेल्थ कमिश्नर डॉ. संजय गोयल ने जारी कर दिए हैं। आदेश के बाद सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने बताया कि श्रमोदय कोविड सेंटर, आईडिया कॉलेज सहित आठ सरकारी और प्राइवेट कोविड सेंटर को बंद कर दिया गया है। सरकारी और प्राइवेट के 16 अस्पतालों को कोविड मरीजों के लिए अभी रखा गया है। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के निर्देश पर उक्त कोविड अस्पतालों के लिए रखे गए हैं, जिससे अगर मरीजों की संख्या बढ़े तो उन्हें इलाज के लिए परेशान न होना पड़े और इन अस्पतालों में इलाज मिल जाए।