फुटकर आतिशबाजी विक्रेता संघ की बैठक संपन्न…

विधायक श्री पाठक ने सुनी फुटकर आतिशबाजी विक्रेताओं की समस्याऐं 



आतिशबाजी संघ की बैठक रविवार को छत्री मंदिर के प्रांगण में आयोजित बैठक में शामिल संघ के संरक्षक भाजपा के वरिष्ठ नेता राकेश जादौन, दक्षिण विधानसभा विधायक प्रवीण पाठक और संघ के पदाधिकारियों सहित फुटकर  आतिशबाजी विक्रेता शामिल हुए । इन विक्रेताओं ने संघ के सदस्यों के सामने अपनी मुख्य समस्या तयोहार खत्म होने के बाद शेष बची हुई आतिशबाजी यानी कि मैगजीन को रखने के लिए स्थान उपलब्ध कराने की मांग विधायक के सामने रखी जिसे विधायक ने शीघ्र पूरा करने का आश्वासन इन विक्रेताओं को दिया। 

विक्रेताओं की दूसरी प्रमुख समस्या यह है कि फुटकर विक्रेताओं को केवल 7 दिन के लिए लाइसेंस मिलता है जबकि थोक व्यवसायियों को पूरे साल भर के लिए यह लाइसेंस आतिशबाजी विक्रय के लिए उपलब्ध रहता है ऐसा दुकानदारों का कहना है। जिससे कि यह थोक दुकानदार त्योहारों से पूर्व ही अपनी थोक की आतिशबाजी की दुकानें खोल लेते हैं जहां पर से जहां से लोग आतिशबाजी खरीद कर ले जाते हैं लेते हैं। इससे फुटकर आतिशबाजी विक्रेताओं को काफी नुकसान उठाना पड़ता है क्योंकि उनकी बिक्री पर इससे बहुत ज्यादा असर पड़ता है। केवल 7 दिन के लिए लाइसेंस हासिल करने वाले फुटकर आतिशबाजी विक्रेताओं की यात्रा मुख्य मांग है कि थोक व्यवसायियों को भी एक निश्चित अवधि के लिए लाइसेंस जारी किया जाना चाहिए जहां से भी केवल थोक के ग्राहकों को ही आतिशबाजी बेचे यह भी सुनिश्चित होना चाहिए। 

उनकी मांगों पर गौर करते हुए विधायक ने विक्रेताओं को आश्वासन देते हुए कहा कि इनकी सभी समस्याओं का निराकरण कराने का हर संभव प्रयास करेंगे। अभी दीपावली आने में लगभग 1 महीने का समय है जबकि थोक की मार्केट मैं पटाखो की दुकानें सज गई है। जब जी नयूज 24 की टीम थोक पटाखा मार्केट मैं मार्केट का जायजा लेने के लिए पहुंची तो देखा पहुंची तो देखा कि मार्केट की लगभग सभी आतिशबाजी की दुकानें खुली हुई है और उन पर बिक्री भी चालू है । मार्केट में आग से निपटने के लिए कुछ दुकानदारों ने तो एक या दो बाल्टी में रेता और एक बाल्टी पानी और कुछ एक दुकानदारों ने फार फाइटिंग सिलेंडर लगा रखे हैं लेकिन यह सब कुछ गिनी चुनी दुकानों पर है बाकी दुकानों पर आग से बचाव का कोई साधन देखने को नहीं मिला। 

यहां प्रशासन की भी एक बड़ी लापरवाही देखने को मिली। क्योंकि इतनी बड़ी पटाखा मार्केट के चालू हो जाने पर भी यहां निगम का कोई फाइटर फायर टेंडर नहीं खड़ा किया गया है यदि इस मार्केट में अचानक से आग लगने जैसी कोई दुर्घटना हो जाए तो यहां आग से बताओ कैसे होगा। इस समस्या पर भी प्रशासन को प्रमुखता से ध्यान देना चाहिए। शिक्षा को लेकर कुछ दुकानदार अलर्ट देखें तो कुछ लापरवाह जो अलर्ट देखे वह एक सिलेंडर के सहारे स्वयं को सुरक्षित मान रहे हैं जबकि यह उनकी गलतफहमी है। क्योंकि आतिशबाजी की आग कितनी भयावह होती है इसका एक उदाहरण अभी पिछले दिनों ही पिछोर में हुई दुर्घटना से पता चलता है।