आवश्यक वस्तुओं के दाम आसमान को छूने लगे हैं…

सरकार द्वारा नए कृषि बिल लाने के बाद बढ़ी महंगाई : भूपेश बघेल

ग्वालियर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि केन्द्र सरकार द्वारा किसानों के हितों में लाये गये तीनों बिल किसानों के लिये घातक हैं। उन्होंने कहा कि इन बिलों के बाद से किसान को कोई लाभ नहीं होगा और व्यापारी किसानों की जमीनों पर एकाधिकार जमा लेंगें। उन्होंने बताया कि बिलों के आने के बाद से आवश्यक वस्तुओं के दाम आसमान को छूने लगे हैं, और एमएसपी के बाद भी किसानों के उत्पाद की कीमतें आधे से कम मिल रही हैं। आज अपने प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पत्रकारों से चर्चा में बताया कि प्रधानमंत्री द्वारा किसानों के हितों के नाम पर लाये गये तीनों बिल किसान विरोधी है। उन्होंने बताया कि यह बिल पूर्व मुख्यमंत्री शांताकुमार की एक रिपोर्ट पर तैयार किये गये हैं। उन्होंने बताया कि शांताकुमार ने ही  एफसीआई को समाप्त करने , एमएसपी का लाभ केवल छह प्रतिशत किसानों को मिलता है जैसी बातें अपनी रिपोर्ट में लिखी थी , केन्द्र सरकार उनकी रिपोर्ट को ही अंतिम मानकर उस पर अमल कर रही है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार पीडीएस सिस्टम को समाप्त कर दो केटेगरी अत्योदय कार्ड धारी और सामान्य कार्ड धारी को क्रमश: ७०० और पांच सौ रूपये देने के पक्ष में है। उन्होंने बताया कि इस बिल से मंडी समाप्त हो जायेंगी, निजी मंडी अपने दामों पर उत्पाद खरीदेगी, कान्टेक्ट फार्मिंग होगी। 

खाद्य सुरक्षा कानून पूर्व में सरकार ने बनाया उसे समाप्त कर दिया जायेगा। वहीं बडे व्यापारी कितना भी अनाज अपने गोदामों में जमा कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि एमएसपी समाप्त नहीं होगी। वहीं जो वोनस देती हैं उनसे अनाज केन्द्र सरकार नहीं खरीदेगी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में २५०० रूपये क्विंटल का धान खरीदा जो बाजार में आज १७०० -१८०० रूपये बिक रहा है इससे किसानों को नुकसान हो रहा है। वहीं छत्तीसगढ़ सरकार समर्थन मूल्य पर तो धान खरीदेगी वहीं एक बिल विधानसभा में लाकर राजीव गांधी के नाम पर किसान योजना लाकर १०हजार रूपये प्रति एकड के हिसाब से लाभ देंगे। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के बिल लाने के बाद से नागपुर में एक बडे उद्योगपति ने एक लाख टन का एक गोदाम बनाना शुरू कर दिया है। वह किसानों से अपने दामों पर खरीदकर अपने ही दामों पर मंहगा कर बेचेगा। इससे आम उपभोक्ता परेशान होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी संगठन ने इन बिलों को लाने की मांग नहीं की तो फिर सरकार इन बिलों को क्यों लाई। उन्होंने बताया कि यह बिल किसानों की जमीन हथियाने तथा किसानों को मजदूर बनाने की है। उन्होंने कहा कि अब बडे उद्योगपतियों की नजर किसानों की जमीनों पर है। 

पंजाब सरकार द्वारा बिल के विरोध में विधानसभा में एक अध्यादेश लाने के बारे में पूछे एक प्रश्र के उत्तर में मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि उससे क्या फायदा राज्यपाल और राष्ट्रपति इन्हें मानेंगे क्या। उन्होंने कहा कि वह विधानसभा में २७-२८ अक्टूबर को सत्र बुलाकर किसानों के हित में चर्चा की जायेगी। वहीं काला कानून वापस लें पर भी विचार किया जायेगा। एक प्रश्र के उत्तर में मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि वह तो मतदाताओं से अपील करने आये थे लेकिन भाजपा नहीं चाहती कि में मतदाताओं के बीच जाऊ। और उन्होंने सभा स्थगित करवा दी। एक प्रश्र के उत्तर में उन्होंने कहा कि भाजपा ने मध्यप्रदेश के साथ ही राजस्थान में भी सरकार को गिराने का प्रयास किया था लेकिन वहां पर उनका दांव नहीं चल सका। छत्तीसगढ़ के बारे में उन्होंने कहा कि यहां तो तीन चौथाई बहुमत से कांग्रेस की सरकार है। उन्होंने कहा कि भाजपा मप्र के पूर्व सीएम कमलनाथ से १५ माह का हिसाब मांग रही है लेकिन अपना १५ सालों का हिसाब नहीं दे रही। उन्होंने कहा कि उन्हें कितना समय मिला एक वर्ष उसमें कई काम उन्होंने किये।  वहीं केन्द्र के पास सीबीआई, ईडी, आईटी है उसका वह उपयोग कांग्रेस के विरूद्ध कर रही है।  छत्तीसगढ़ में मिशनरियों द्वारा धर्मान्तरण के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार में कितने धर्मान्तरण हुये और हमारे शासन में कितने स्वयं देख लें। 

वैक्सीन को बिहार में फ्री देने के बारे में पूछे प्रश्र के उततर में उन्होंने कहा कि स्वयं मंत्री निर्मला सीतारमन कह रहीं है कि हमारी सरकार बनायें वहां पर वैक्सीन फ्री देंगे। उन्होंने कहा कि लगता है यह केवल चुनावी स्टंट है। उन्होंने कहा कि भाजपा कहती है कि कांग्रेस ने ७० साल में क्या किया लेकिन यह नहीं बताती कि उन्होंने क्या किया। उन्होंने क्या बनाया लेकिन वह रेलवे हवाईजहाज से लेकर तेल डिपो आदि को बेच रही है। मुख्यमंत्री की सभा नहीं होने के उच्च न्यायालय के आदेश के बारे में उन्होंने कहा कि चुनाव तो गुजरात बिहार अन्य स्थानों पर भी हैं लेकिन यहां जानबूझकर सरकार द्वारा सभाओं को रोका जा रहा है। जीएसटी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले से ही जीएसटी का विरोध किया था, कि इसे गलत ढंग से लागू किया जा रहा है। इससे उत्पादक राज्य को घाटा होगा। लेकिन केन्द्र ने उसे कम्पनसेट देने की बात कही। वहीं अप्रेल २०२० से तीन किश्तों का ४००० हजार करोड रूपया केन्द्र ने जीएसटी का नहीं दिया है। कांग्रेस २८ में से कितनी सीटें जीतेगी के प्रश्र पर उन्होंने कहा कि १० नवंबर को परिणाम आने पर पता लग जायेगा। सिंधिया के भाजपा मेंं वजूद के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि पहले उनके लांच होने पर पूरा शहर पोस्टरों से पटा हुआ था। वह स्वयं एक अदने से कार्यकर्ता से हार गये है। कांग्रेस ने उन्हें सब कुछ दिया अब भाजपा में क्या होगा यह वह जाने।