भीड़ जुटाने की होड़ में फंसे नेता…

कोविड प्रोटोकॉल के उलंघन पर 7 जनप्रतिनिधियों पर होगी FIR !

ग्वालियर। महामारी के दौर में मध्य प्रदेश विधानसभा उपचुनाव आयोजित होने जा रहे हैं. इस बीच हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने 7 जिलों के कलेक्टर को 14 अक्टूबर तक उनके इलाके में हुए राजनीतिक कार्यक्रम में कोविड-19 की गाइडलाइन के उल्लंघन के मामले में  नेताओं पर केस दर्ज करने के निर्देश दिए हैं. जिन नेताओं पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं उनमें केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, बीजेपी के प्रत्याशी और ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, मुन्नालाल गोयल शामिल हैं. 

वहीं कांग्रेस के जिन नेताओं के नाम हैं उनमें पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ,भांडेर से प्रत्याशी फूल सिंह बरैया, ग्वालियर पूर्व से प्रत्याशी डॉ. सतीश सिकरवार, मध्य प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रामनिवास रावत प्रमुख है. सभी लोगों के द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में तय संख्या से अधिक लोग शामिल हुए थे जिसकी रिपोर्ट ना केवल मॉनिटरिंग के लिए हाईकोर्ट द्वारा नियुक्ति किये गए तीन वकीलों ने दी है बल्कि याचिकाकर्ता ने भी इन कार्यक्रमों के फोटो और वीडियो हाई कोर्ट में पेश किए हैं. 

आपको बता दें कि 3 अक्टूबर को हाईकोर्ट ने एक आदेश जारी किया था और उसने कहा था कि ग्वालियर चंबल संभाग के सभी कलेक्टर और एसपी को का राजनीतिक कार्यक्रमों में पालन कराना सुनिश्चित करें और जो राजनीतिक दल से जुड़े लोग गाइडलाइन  का पालन न करें उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए. कल प्रशासन की ओर से जवाब पेश किया गया जिसमें मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और भांडेर से प्रत्याशी फूल सिंह बरैया पर एफ आई आर और बीजेपी के 3 कार्यक्रमों में 61 सौ रुपए जुर्माने की बात कही थी जिससे हाई कोर्ट संतुष्ट नहीं हुआ और आजआदेश जारी किया है.