पथ विक्रेताओं की मदद करने में मध्यप्रदेश पूरे देश में अग्रणी…

प्रधानमंत्री ने किया पथ विक्रेताओं से वर्चुअल संवाद

ग्वालियर। प्रधानमंत्री स्व-निधि योजना के तहत मध्यप्रदेश में एक लाख 40 हजार जरूरतमंदों को 10 हजार रूपए के मान से लोन प्रदान किया है। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने इतनी बड़ी संख्या में जरूरतमंदों को रोजगार हेतु योजना के तहत ऋण प्रदान किया है। इस योजना से कोविड-19 के संक्रमण के कारण जिन छोटे-छोटे व्यवसाइयों को व्यवसाय करने में परेशानियां आ रही थीं उन्हें एक नया संबल मिला है। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बुधवार को इंटक मैदान पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा स्वनिधि संवाद कार्यक्रम के पश्चात हितग्राहियों को ऋण स्वीकृति पत्र वितरण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में यह बात कही। 

कार्यक्रम में मण्डल अध्यक्ष प्रयाग तोमर सहित जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी एवं स्वनिधि योजना के हितग्राही उपस्थित थे। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान हाथ ठेला, गुमटी के साथ ही ठेले पर सामान बेचने वाले छोटे-छोटे दुकानदारों को आर्थिक मदद देने के लिये प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना प्रारंभ की गई है। योजना के तहत 10 हजार रूपए का ऋण मुहैया कराया गया है। ग्वालियर विधानसभा क्षेत्र में लगभग 5 हजार परिवारों को इसका लाभ मिला है। 


योजना के अंतर्गत जो भी पात्र दुकानदार हैं उन्हें लाभ दिलाया जायेगा। मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कार्यक्रम में 428 हितग्राहियों को ऋण स्वीकृति पत्र भी वितरित किए। इसके साथ ही पात्रता पर्ची में शामिल परिवारों को भी स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए। उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों के उत्थान के लिये प्रदेश सरकार द्वारा अनेक कल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है।इन योजनाओं के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने का कार्य भी प्राथमिकता से किया जा रहा है। आम जनों के हितार्थ सरकार तेजी से कार्य कर रही है।

ज्ञात हो ग्वालियर जिले में प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर योजना के तहत अब तक 7 हजार 984 हितग्राहियों के प्रकरण मंजूर हो चुके हैं। इनमें से 5 हजार 542 पथ विक्रेताओं को 10 – 10 हजार रूपए की आर्थिक सहायता वितरित की जा चुकी है। नगर निगम द्वारा प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत प्रधानमंत्री द्वारा हितग्राहियों से सीधा संवाद किया गया। ठाठीपुर के सी-ब्लॉक में भी बड़ी स्क्रीन लगाकर हितग्राहियों को प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए संबोधन को सुनवाया गया। इस मौके पर जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी और योजना से जुड़े हितग्राही शामिल थे।