चयनित दिव्यांगजन को कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरणों का प्रदाय…

26 को होगा दिव्यांगजन खेल परिसर एवं रिसोर्स सेंटर का शिलान्यास

ग्वालियर। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 26 सितम्बर को प्रात: 10 बजे दिव्यांगजन खेल परिसर एवं रिसोर्स सेंटर का शिलान्यास तथा चयनित दिव्यांगजन को कृत्रिम अंग व सहायक उपकरण प्रदाय करेंगे। यह आयोजन अटल बिहारी वाजपेयी (ट्रिपल आईटीएम) के सामने मुरैना रोड़ स्वेज फार्म मैदान पर भोपाल से वर्चुअल माध्यम से किया जायेगा। इसमें केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गेहलोत, केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर तथा राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया दिल्ली से वर्चुअल लिंक के माध्यम से शामिल होंगे। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) भारत सिंह कुशवाह, सांसद विवेक नारायण शेजवलकर तथा अन्य जनप्रतिनिधियों की सहभागिता शिलान्यास कार्यक्रम में स्थल पर रहेगी। 

सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण ग्वालियर के संयुक्त संचालक ने बताया कि इस दिव्यांगजन खेल परिसर का निर्माण 14 हैक्टेयर क्षेत्र में होगा। यह खेल परिसर भारत सरकार दिव्यांगजन सशक्तिकरण एवं सामाजिक न्याय के सौजन्य से स्थापित होगा। इसमें इनडोर खेल कॉम्प्लेक्स, आउटडोर खेल, जल क्रीड़ा केन्द्र के साथ-साथ लगभग 106 दिव्यांग लड़के और 106 दिव्यांग लड़कियों के आवास की व्यवस्था रहेगी। यह खेल परिसर तीन भागों में विभक्त होगा। पहला बहुउपयोगी हॉल, जिसमें व्हीलचेयर, बैडमिंटन जैसे खेलों के लिये व्यवस्था होगी। दूसरे भाग में स्टेडियम सह खेल मैदान के साथ फिटनेस केन्द्र, खेल विज्ञान केन्द्र आदि होंगे। 

तीसरे भाग में तरणताल – एक ओलंपिक आकार का तथा एक तैयारी के लिये होगा। इसमें जिन अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खेलों की सुविधा होगी, उनमें बैडमिंटन, बैठकर खेलने का बॉलीबॉल, व्हीलचेयर बास्केट बॉल, व्हीलचेयर रगबी, फुटबॉल – पाँच खिलाड़ी, बॉचिया, गोल बॉल, ताईक्वांडो, जूडो, फैंसिंग, टेबल टेनिस, पैरानृत्य खेल, पैरा पॉवर लिफ्टिंग, चारलेन का 200 मीटर दौड़ने का ट्रैक शामिल हैं। यह खेल परिसर राष्ट्र का प्रथम अंतर्राष्ट्रीय स्तर का दिव्यांग खेल परिसर होगा। जिसमें राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के न केवल खेल आयोजन होंगे। वरन् अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी भी प्रशिक्षण देकर तैयार किए जायेंगे। इस खेल परिसर की अनुमानित लागत 170 करोड़ रूपए होगी एवं निर्माण कार्य दो वर्ष में पूर्ण होगा।