सवार थे 34 यात्री, सवारियों को दूसरी गाड़ी से रवाना किया…

ग्वालियर की बस को आगरा से हाईजैक कर इटावा में छोड़कर भागे बदमाश


गुरुग्राम से पन्ना के लिए निकली ग्वालियर के कल्पना ट्रेवल्स की स्लीपर कोच यात्री बस यूपी75 एम 3516 को मंगलवार की रात 10.45 बजे आगरा के पास बोलेरो-जायलो में सवार दर्जनभर बदमाशों ने हाईजैक कर लिया। इसकी खबर फैलते ही तीन राज्यों यूपी, राजस्थान और मप्र की पुलिस में हड़कंप मच गया। इसके बाद बुधवार की दोपहर 12.30 बजे करीब बदमाश इस बस को इटावा में एक ढाबे के पीछे छोड़कर भाग गए। पूरे घटनाक्रम के पीछे वजह, पैसों के लेनदेन का विवाद बताया जा रहा है। बस को ढाबे पर छोड़ने से पहले बदमाशों ने रास्ते में उसमें सवार 34 यात्रियों को दूसरी बस में बैठाकर उनके गंंतव्य की आेर रवाना कर दिया। इटावा पुलिस ने बस बरामद कर ली है, जबकि आगरा पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया है। 

ग्वालियर पुलिस भी बस संचालक के परिजनों से संपर्क कर मामले की तह में जाने की कोशिश कर रही है। एसपी अमिल सांघी के मुताबिक टैवल संचालक अशोक अरोरा की बीते रोज कोरोना संक्रमण से मौते होने के कारण परिजन कुछ बताने की स्थिति में नहीं हैं। एसएसपी आगरा बबलू कुमार के मुताबिक बस शाम 5 बजे गुरुग्राम से पन्ना ( अमानगंज) के लिए रवाना हुई थी। आगरा के दक्षिणी बायपास स्थित राय बा टोल से निकलते ही बदमाशों ने बस को ओवरटेक कर रोक लिया। उन्होंने बस के ड्राइवर रमेश कुमार, कंडक्टर पटेल और हेल्पर भूरा को नीचे उतारकर अपनी गाड़ी में बैठा लिया।दो घंटे तक अपने साथ घुमाने के बाद में तीनों को कुबेरपुर के पास छोड़ दिया।सुबह 4 बजे करीब ये तीनों मलपुरा थाने पहुंचे और वारदात की जानकारी दी।

बदमाशों के चार बदमाश बस लेकर सैंया-ग्वालियर रोड पर निकल गए। इन लोगों ने बस में सवार 34 सवारियों को दूसरी बस में बैठाकर रवाना किया। बस के ड्राइवर-कंडक्टर के मुताबिक बदमाश खुद को श्रीराम फायनेंस कंपनी का कर्मचारी बता रहे थे। इस बारे में आगरा पुलिस ने श्रीराम फायनेंस के अफसरों से संपर्क किया है। बस की तलाश में टोल नाकों के फुटेज खंगाले गए। दोपहर करीब 12.30 बजे बस इटावा के बलरई थाना इलाके में खड़ी मिल गई। एसपी इटावा आकाश तोमर ने बताया कि बस इटावा कौन लाया, इसकी पड़ताल के लिए क्राइम ब्रांच को लगाया है। बेटा बोला- कर्ज से परेशान थे पिता, लगातार मिल रही थीं धमकियां: मुझे रात 2 बजे बस हाईजैक होने की सूचना मिली थी। ऐसा किसने किया, यह मुझे जानकारी नहीं है। लेकिन श्रीराम फायनेंस पर इस गाड़ी की कोई किश्त बकाया नहीं है। 2018 में ही गाड़ी फ्री हो चुकी है। मेरे पिता कर्ज की वजह से परेशान थे। सूदखोर उन्हें लगातार परेशान कर रहे थे, कई बार धमकियां दे चुके थे। गाड़ी बहन के नाम पर रजिस्टर्ड है। 

पवन अरोरा, कल्पना टैवल के संचालक का बेटा उप्र के व्यापारी से पैसों के लेनदेन का विवाद: यह भी सामने आया है कि अशोक अरोरा का उप्र के इटावा के व्यापारी से पैसों का लेनदेन का विवाद था। चर्चा है व्यापारी को अशोक अरोरा की मौत की खबर मिली तो उसे लगा कि उसका पैसा डूब जाएगा। ऐसे में उसने पूरी प्लानिंग के साथ बस को छीनने की कोशिश की। कहां उतारीं सवारी, इसे लेकर कई बातें: आगरा एसएसपी बबलू कुमार का कहना है कि सवारियों को ग्वालियर के पास दूसरी बस में शिफ्ट किया गया। इसके बाद झांसी से अलग बस में बैठाकर रवाना किया। जबकि चर्चा यह है कि यात्रियों को इटावा तक ले जाया गया और फिर यहां से झांसी भेजा गया। बस में पन्ना, छतरपुर, नौगांव के यात्री थे। 19 यात्री अमानगंज,9 यात्री छतरपुर व अन्य नौगांव के हैं। -केके खनेजा टीआई, थाना नौगांव