जिला पंचायत सीईओ ने डीएलसीसी की बैठक में बैंकर्स को दिए निर्देश…

स्ट्रीट वेंडर्स को प्राथमिकता के आधार पर मंजूर करें ऋण : श्री वर्मा 

 

ग्वालियर। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के पथ व्यवसाइयों (स्ट्रीट वेंडर) के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर ऋण मंजूर करें। साथ ही तेजी से ऋण वितरण भी कराएँ, जिससे वे अपना काम-धंधा शुरू कर सकें। यह बात जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शिवम वर्मा ने डीएलसीसी (जिला स्तरीय बैंकर्स सलाहकार एवं समीक्षा समिति) की बैठक में विभिन्न बैंकों के समन्वयकों से कही। उन्होंने कहा केन्द्र व राज्य सरकार ने लॉकडाउन की वजह से परेशानी में आए पथ व्यवसाइयों की मदद के लिये बैंकों के माध्यम से योजनायें शुरू की हैं। श्री वर्मा ने बैंकर्स से कामकाज के दौरान कोरोना गाइडलाइन का पालन करने के लिए भी कहा। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से ही कोरोना के खिलाफ लड़ाई जीती जा सकती है। बुधवार को कलेक्ट्रेट के सभागार में आयोजित हुई डीएलसीसी की बैठक में वर्ष 2020-21 के लिए जिले की बैंकों की वार्षिक साख योजना का अनुमोदन भी किया गया।

वार्षिक साख योजना में अगले वित्तीय वर्ष के दौरान कृषि, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग व प्रायोरिटी सेक्टर सहित अन्य आर्थिक गतिविधियों में जिले के एक लाख 74 हजार 960 इकाईयों के लिये 7,43,065 लाख रूपए का ऋण देने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें कृषि क्षेत्र के लिये 4,52,248 लाख का प्रावधान शामिल है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री वर्मा ने कहा कि  केन्द्र सरकार द्वारा शहरी क्षेत्र के पथ व्यवसाइयों को काम धंधे के लिए प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि योजना शुरू की गई है। इसी तरह प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के पथ विक्रेताओं के लिए मुख्यमंत्री ग्रामीण पथ विक्रेता योजना शुरू की गई है। दोनों योजनाओं के तहत हर जरूरतमंद पथ विक्रेता को 10 – 10 हजार रूपए का ऋण मंजूर किया जाना है। 

इनका ब्याज दोनों सरकार भरेंगी। सभी बैंकों के समन्वयकों ने स्ट्रीट वेंडर के लिए शीघ्रता से लोन मंजूर करने पर बैठक में सहमति जताई। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित महिला स्व-सहायता समूहों के लिये कैश क्रेडिट लिमिट मंजूर करने में तेजी लाने पर भी जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलायें आत्मनिर्भर बन रही हैं। इसलिये बैंकर्स भी सहयोगात्मक रवैया अपनाकर पूरी संजीदगी के साथ उनके प्रकरण मंजूर करें। बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना व किसान क्रेडिट कार्ड सहित शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में स्वरोजगार मुहैया कराने के लिये सरकार द्वारा बैंकों के सहयोग से संचालित स्वरोजगारमूलक योजनाओं की समीक्षा भी की गई। साथ ही इन योजनाओं की लक्ष्यपूर्ति पर विशेष जोर दिया गया। जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक सुशील कुमार एवं नाबार्ड के प्रतिनिधि संजीव रमन सहित विभिन्न बैंकों के जिला समन्वयक एवं संबंधित अधिकारी बैठक में मौजूद थे।