अंदरुनी कलह पर चुटकी लेते हुए…

BJP में बगावत पर कांग्रेस ने सिंधिया को बताया 'विभीषण'

भोपाल। मध्य प्रदेश में 27 सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले कांग्रेस और बीजेपी के बीच बयानबाजी का दौर तेज हो गया है. कांग्रेस ने बीजेपी में जारी अंदरुनी कलह पर चुटकी लेते हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया को घेरा है. पार्टी नेता भूपेंद्र गुप्ता ने उन्हें विभीषण तक बता डाला. वहीं बीजेपी ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए पार्टी को नसीहत दी है. कांग्रेस मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने आरोप लगाते हुए कहा कि सिंधिया के प्रेशर में बीजेपी काम कर रही है. जिसकी वजह से पार्टी में नाराज नेताओं की तादाद बढ़ती जा रही है. पवैया, विश्नोई, अनूप मिश्रा, मलैया समेत हर शहर के नेता नाराज़ हो रहे हैं. इतना ही नहीं कांग्रेस नेता ने सिंधिया को विभीषण तक बता दिया. उन्होंने कहा कि बीजेपी विभीषण को गले लगाने के चक्कर में अपने कुनबे को नाराज कर गई. 

वहीं कांग्रेस के इस वार पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी में किसको क्या बना दें ये किसी को पता नहीं होता. यहां साधारण कार्यकर्ता उच्च पदों पर बैठाया जाता है. कोई नेता दबाव या नाराज नहीं है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस को पहले अपनी पार्टी की कलह सुलझानी चाहिए. आपको बता दें कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस से बीजेपी में आने के बाद कई नेता नाराज हो गए थे. कहा जा रहा है कि उप चुनाव वाले लगभग हर क्षेत्र में बीजेपी के कुछ नेता पार्टी से नाराज हैं. उन्हें अपना राजनीति भविष्य दांव पर नजर आ रहा है. 

तय किया गया है कि जयभान सिंह पवैया जैसे नेताओं से केंद्रीय नेतृत्व बात करेगा. जेपी नड्डा ने दीपक जोशी से बात कर इसकी शुरुआत कर दी है. शेष नेताओं से मुख्यमंत्री एवं संगठन के प्रमुख नेता बात कर नाराजगी दूर करने की कोशिश करेंगे. गौरतलब है कि पिछले दिनों आलाकमान तक अपनी बात पहुंचाने के लिए नाराज नेताओं आज पूर्व राज्यसभा सांसद रघुनंदन शर्मा के साथ बैठक की थी. बैठक में पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा, पूर्व मंत्री दीपक जोशी, युवा मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष धीरज पटेरिया,शैलेंद्र प्रधान,नरेंद्र बिरथरे समेत तमाम नाराज नेता शामिल हुए थे. आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में 27 सीटों पर विधानसभा उपचुनाव होने हैं. 

सूबे में 10 मार्च को कांग्रेस के 22 विधायकों ने पार्टी से इस्तीफा देकर बीजेपी का हाथ थाम लिया था और तत्कालीन कमलनाथ सरकार को अल्पमत में लाकर आखिरकार गिरा दिया था.इसके बाद 12 जुलाई को बड़ा मलहरा से कांग्रेस विधायक प्रद्युम्न सिंह लोधी और 17 जुलाई को नेपानगर से कांग्रेस विधायक सुमित्रा देवी कसडेकर ने भी इस्तीफा दे दिया था. 23 जुलाई को मांधाता विधायक ने भी कांग्रेस से दूरी बना ली. इस तरह मार्च से अब तक पार्टी से इस्तीफा देने वालों की संख्या अब 25 हो गई है. वहीं विधायकों का निधन हो गया है. जिसके बाद मध्य प्रदेश में 27 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है.