कोरोना का खौफ़, अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही और गफलत के चलते...


सुरेश के परिजनों ने इरतिज पठान का हिन्दू रीति-रिवाज़ से किया अंतिम संस्कार



 
ग्वालियर। जयारोग्य अस्पताल की बड़ी लापरवाही सामने आई है। पोस्टमार्टम हाउस में बड़ी लापरवाही के बाद हंगामा खड़ा हो गया है। शहर के बड़े अस्पताल के पीएम हाउस में इतनी घोर लापरवाही के बाद लोगों मे आक्रोश है

दरअसल अस्पताल प्रबंधन ने दो मृतकों की बॉडी बदल दी है, दोनों बॉडी अलग-अलग धर्मो के व्यक्तियों की है। अस्पताल प्रबंधन ने सुरेश चंद के परिजनों को इरतज मोहम्मद की बॉडी दे दी, वहीं सुरेश चंद के परिजनों ने इरतज मोहम्मद का अंतिम संस्कार भी पूरे रीति-रिवाज से कर दिया है।

मामले की शनिवार देर रात जानकारी लगते ही इरतज मोहम्मद के परिजनों ने हंगामा शुरु कर दिया। कोरोना का हवाला देकर अस्पताल प्रबंधन ने कोरोना की रिपोर्ट आने तक बॉडी रोक कर रखी थी। इसके बाद दोनों परिवारों को बॉडी जरुर दी गई लेकिन लापरवाही पूर्वक बॉडी बदल दी गई।

 वहीं सुरेश के परिजनों को मामले का पता चलने पर बॉडी के लिए अस्पताल प्रबंधन से बाडी के क्लेम किया है। हालांकि सुरेश समझकर इसरार का पूरे हिंदी रीति रिवाज के साथ उनके द्वारा अंतिम संस्कार किया जा चुका है। और जब इरतज के परिजन बॉडी लेने अस्पताल पहुंचे तब यह मामला खुला मामले के खुलते ही हॉस्पिटल प्रबंधन ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए सुरेश के परिजनों को ही इस मामले में फंसाने का षड्यंत्र तक रच डाला और उन्हें पुलिस के द्वारा धमकी दिलवाकर थाने बुलवा लिया गया। उधर दोनों परिवारों के द्वारा अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के खिलाफ हंगामे के बाद अस्पताल प्रबंधन के हाथ-पैर फूल गए हैं।
 
जब पूरे मामले की जानकारी के लिए जी न्यूज़ 24 द्वारा कंपू थाने फोन लगाकर थाना प्रभारी से बात की गई तो उन्होंने स्वीकार करते हुए कहा कि हमारे पास इस तरह के किसी भी प्रकार के मामले की कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई है हां हमने मामले की तहकीकात करने के लिए सुरेश के परिजनों को थाने बुलाया जरूर था। और हम अपने स्तर से इस मामले की जांच अवश्य कर रहे हैं।

अब देखना यह है कि इस लापरवाही का ठीकरा किसके सर फूटता है जाने वाले तो चले ही गए लेकिन प्रशासन की लापरवाही का एक बड़ा खुलासा आखिरकार इन मृत देहो के द्वारा हो ही गया।