बीजेपी ने बताया फ्लॉप शो…

10 मिनट में खत्म हुआ कांग्रेस का कार्यकर्ता सम्मेलन

ग्वालियर। मध्य प्रदेश में होने वाले उपचुनाव को लेकर बीजेपी और कांग्रेस का फोकस ग्वालियर-चंबल संभाग की 16 सीटों पर बना हुआ है. इसलिए जहां पहले सीएम शिवराज और राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने यहां 3 दिवसीय सदस्यता अभियान चलाकर अपने प्रचार का शंखनाद किया. वहीं बुधवार को कांग्रेस ने भी ग्वालियर कूच किया. विपक्षी पार्टी ने यहां कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया. इस सम्मेलन में कांग्रेस की गुटबाजी की झलक नजर आई. जिस पर बीजेपी ने चुटकी ली है. कांग्रेस के कार्यकर्ता सम्मेलन पर निशाना साधते हुए नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह ने बताया कि ग्वालियर में कांग्रेस का आज का सम्मेलन फ्लॉप हुआ है.

कार्यक्रम में नेताओं के बीच आपसी झगड़े हुए, कुर्सियां खाली पड़ी रही, 10 मिनट में ही कांग्रेस का ये सम्मेलन खत्म हो गया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस में हताशा और निराशा का माहौल है. पार्टी की आपसी अंतर्कलह ग्वालियर में सड़क पर देखने को मिली है. वहीं बीजेपी के वार पर कांग्रेस ने पलटवार किया है. कांग्रेस नेता केके मिश्रा का कहना है कि कहीं कोई गुटबाजी नहीं है. ग्वालियर में एक मेगा प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें न केवल भोपाल से आए दिग्गज नेता शामिल हुए बल्कि ग्वालियर-चंबल संभाग के सभी पूर्व मंत्री विधायक और अन्य बड़े लीडर साथ में आए हैं. उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे पुराने कांग्रेसी जो हमेशा महल का विरोध करते रहे लेकिन सिंधिया की वजह से वे खुलकर मंचों पर नहीं आते थे आज वह लोग भी साथ खड़े नजर आए हैं. 

आपको बता दें कि कांग्रेस के कार्यकर्ता सम्मेलन में ग्वालियर चंबल संभाग के नेता डॉ. गोविंद सिंह, लाखन सिंह और अन्य विधायक नहीं पहुंचे थे. कार्यकर्ता सम्मेलन में केवल सज्जन सिंह वर्मा, जयवर्धन सिंह, पीसी शर्मा ही पहुंचे थे. इस दौरान नेताओं के बीच मनमुटाव साफ नजर आया. 10 मिनट के संबोधन के बाद ही कार्यक्रम खत्म हो गया. कांग्रेस नेताओं की तल्खियों के बीच पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति का बयान सामने आया है. उन्होंने दावा किया कि आज कांग्रेस के साथ 90 हजार कार्यकर्ता जुड़े हैं. उन्होंने अजीबो-गरीब तर्क देते हुए कहा कि जिन लोगों ने एयरपोर्ट से लेकर होटल तक हमारा स्वागत किया वह सब हमारे कार्यकर्ता थे और उनकी संख्या 90 हजार के पार थी. वहीं बीजेपी ने अपने सदस्यता अभियान को लेकर दावा किया था कि 3 दिन में 76000 से अधिक कार्यकर्ता कांग्रेस छोड़ सिंधिया के साथ बीजेपी में शामिल हुए हैं.