4 साल पुराना एक वीडियो वायरल होने से…
षड्यंत्र का शिकार हुए परिवहन आयुक्त मधु कुमार !

18 जुलाई को बाद दोपहर सोशल मीडिया पर 4 साल पुराना एक वीडियो वायरल आईपीएस बी मधु कुमार के विरुद्ध जारी किया गया सरकार ने भी इसे सत्य मानकर तत्काल सख्त कदम उठाते हुए परिवहन आयुक्त को हटा दिया जिससे कि सरकार की छवि पर कोई दाग ना लगे परंतु हकीकत कुछ और बताई जाती है सूत्रों का कहना है कि 4 साल पुराने उस वीडियो जिसको उनके कार्यकाल आईजी उज्जैन के दौरान उन्हीं के अधीनस्थ एक एसपी जिसकी पत्नी उस समय विधायक थी ने उनको ब्लैक मेलिंग करने के उद्देश्य से बनाया था 4 साल तक इसी तथाकथित वीडियो के माध्यम से वह मधु कुमार को ब्लैक मेलिंग के उद्देश्य प्रताड़ित करता रहा परंतु फिर भी दोनों के बीच मधुर संबंध तो नहीं कहेंगे खट्टे मीठे संबंध बने रहे एक दूसरे की निभाते रहे आखिर 4 साल बाद ही यह वीडियो जिसमें उनको अवैध वसूली की राशि के लिफाफे लेते हुए बताया गया है जब के मधु कुमार के निकटवर्ती सुत्रों का कहना है के यह अवैध वसूली की राशि के लिफाफे नहीं अक्सर जब अधिकारी निरीक्षण के लिए जाते हैं तो थाना प्रभारी अथवा सुपर विजन अधिकारी प्रतिवेदन सौंपते हैं ग्रामीण अंचल में यह प्रतिवेदन लिफाफे में बंद कर ही दिया जाता है इस प्रतिवेदन को हम अपने सहायक अथवा स्टेनो को  सोँप देते हैं ताकि अग्रिम कार्यवाही की जा सके. इस संबंध में काफी प्रयासों के बाद उपरोक्त बात को मधु कुमार ने स्वीकार करते हुए कहा कि मैं षड्यंत्र का शिकार हुआ हूं परंतु हाल फिलहाल मेरी छवि धूमिल करने के प्रयासों में तथाकथित लोग सफल हो गये. हकीकत जो भी सामने आए यह भविष्य का तथ्य परंतु यह सही  है मधु कुमार अपने ही कांख में पाले हुए तथाकथित सांपों के शिकार हो गए।