क्राइसेस मैनेजमेंट कमेटी की बैठक में हुआ निर्णय…
शनिवार एवं रविवार को रहेगा टोटल लॉकडाउन

ग्वालियर कोविड-19 के बढ़ते पॉजिटिव प्रकरणों को देखते हुए समाज में संक्रमण न फैले इसको ध्यान में रखते हुए जिले में शनिवार एवं रविवार को दो दिन सभी बाजार बंद रहेंगे। जबकि सोमवार से शुक्रवार तक बाजार दोपहर 2 बजे तक खुले रहेंगे। बाजार खुलने के दौरान दुकानदारों एवं आम जनों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के साथ अपने चेहरे को मास्क से ढककर रखना होगा। उक्त आशय का निर्णय सर्व सम्मति से गुरूवार को कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह की अध्यक्षता में आयोजित जिला क्राइसेस मैनेजमेंट कमेटी की बैठक में लिया गया। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में उपस्थित सांसद विवेक नारायण शेजवलकर, जिला  पंचायत की प्रशासकीय समिति की अध्यक्ष मनीषा यादव, पूर्व विधायक रमेश अग्रवाल, पुलीस अधीक्षक नवनीत भसीन, एडीएम आशीष तिवारी, एडीएम किशोर कन्याल, अपर कलेक्टर टी एन सिंह, अपर कलेक्टर रिंकेश वैश्य, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सतेन्द्र सिंह तोमर, भूपेन्द्र जैन, इब्राहिम पठान, अमर सिंह माहौर, शांतिशरण गौतम ने कोरोना संक्रमण को रोकने हेतु अपने – अपने सुझाव दिए। 

कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने बैठक में बताया कि मुरैना जिले में कोरोना के बढ़ते पॉजिटिव मरीजों को देखते हुए जिले के बॉर्डर पर आने जाने वालों से जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्ण रूप से सख्ती से पालन कराया जायेगा। अति आवश्यक सेवाओं एवं मरीज को उपचार से संबंधित को छोड़कर किसी भी प्रकार की अनुमति नहीं दी जायेगी। बैठक में सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया है कि कोरोना के संक्रमण को रोकने हेतु शनिवार एवं रविवार को चिकित्सालय परिसर की मेडीकल दुकानों को छोड़कर बाजार पूर्ण रूप से बंद रहेंगे। जबकि सोमवार से शुक्रवार तक दोपहर 2 बजे तक बाजार खुले रहेंगे। दुकान खोलने के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पूर्ण रूप से पालन करना होगा। लोगों को अपने चेहरे को मास्क से ढकना होगा। 

कलेक्टर ने कहा कि मास्क न लगाने वालों पर 100 रूपए का अर्थदण्ड तथा दुकानदार द्वारा निर्देशों का पालन न करते पाए जाने पर 300 रूपए का जुर्माना किया जायेगा। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य एवं फैक्ट्रियों में कार्य जारी रहेगा। बैठक में बताया गया कि कोरोना के संक्रमण को रोकने में मास्क न लगाने वालों एवं संक्रमण की रोकथाम में लापरवाही बरतने वाले दुकानदारों के विरूद्ध पाँच दिन में चालान की कार्रवाई कर 45 हजार रूपए की राशि जुर्माने के रूप में वसूली गई है। कलेक्टर ने कहा कि निजी नर्सिंग होम एवं चिकित्सालय की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं कि वह मरीजों का सामान्य इलाज नहीं कर रहे हैं, ऐसी स्थिति में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी निजी नर्सिंग होम एवं निजी चिकित्सालयों की बैठक लेकर उन्हें निर्देश दें कि मरीजों का सामान्य इलाज के लिये निजी चिकित्सालय इन्कार न करें। अन्यथा संबंधित चिकित्सालय के विरूद्ध कार्रवाई की जायेगी।