धलेक्का देकर जमीन पर पटका और साथी पुलिसकर्मी देखते रहे…
अवैध रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली रोकने पर एएसआई को पीटा 

कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए लगाए गए चेकिंग प्वाइंट पर अवैध रेत से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोकना एएसआई राजेंद्र सिंह जादौन को महंगा पड़ गया। रेत माफिया न केवल एएसआई से मारपीट कर अवैध रेत की ट्रैक्टर-ट्रॉली छुड़ा ले गए बल्कि जाते-जाते धमकी भी दे गए। माफिया ने पुलिस स्टाफ के सामने एएसआई को चांटा मारने के बाद उसे धक्का देकर जमीन पर पटक दिया। इस दौरान माफिया ने पुलिस पर आरोप लगा दिया कि जब हम तुम्हें अवैध रेत निकालने के लिए एंट्री (रिश्वत के रूप में रुपए) देते हैं तो फिर किस मुंह से ट्रैक्टर-ट्रॉली रोकते हो। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान चेकिंग प्वाइंट पर खड़ा पुलिसकर्मी पूरे घटनाक्रम को देखता रहा लेकिन उसने न तो एएसआई को पिटने से बचाया और न ही आरोपियों को पकड़ने के लिए उनका पीछा किया। यही वजह रही कि माफिया आसानी से मौक से भागने में सफल हो गया। शुक्रवार की सुबह 6 बजे कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए बाहर से आने वालों से पूछताछ के लिए मुरैना-गढ़ी रोड पर पुलिस चेकिंग कर रही थी। 

इसी दौरान चंबल नदी से अवैध तरीके से रेत खनन कर ला रहे तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को चेकिंग कर रहे एएसआई राजेंद्र सिंह जादौन ने पकड़ लिया। इन्हें थाने भेज पाते कि इसके पहले ही रेत माफिया बंटी रावत व उसके दो साथी मौके पर आ धमके।  माफिया ने यह कहते हुए एएसआई जादौन के साथ मारपीट कर दी कि जब वह उन्हें रेत की एंट्री (रुपए) दे रहे हैं तो फिर क्यों पकड़ा है। इसके बाद एएसआई जादौन को थप्पड़ मारते हुए उसे धक्का दे दिया। इसके बाद भी माफिया नहीं माने और उन्होंने एएसआई को जाते समय जान से मारने की धमकी दे डाली। फिर आरोपी मौके से बड़े आराम से निकल गए। इन्हें पकड़ने के विजयपुर थाना पुलिस ने कोई प्रयास नहीं किए। पुलिस ने एएसआई की शिकायत पर मुरैना जिले के थाना सेंथरा, रायड़ी गांव निवासी बंटी रावत व उसके दो साथियों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट आदि का मामला दर्ज कर लिया है। रेत माफिया विजयपुर-वीरपुर, ढोढर क्षेत्र में पुलिस संरक्षण के चलते इतने हावी है कि न तो वह पुलिस देख रहे हैं और न ही अफसर। 

15 दिन पहले इसी रोड पर तत्कालीन तहसीलदार अशोक गोबड़िया ने भी रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़े। लेकिन माफिया के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने तत्कालीन तहसीलदार को ही ट्रैक्टर से कुचलकर मार डालने की धमकी दे डाली और लड़-झगड़कर पकड़ में आए ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को छुड़ा ले गए। इस मामले में तब भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नही की, जबकि पूरी घटना पुलिस के सामने ही हुई थी। एएसआई पर हाथ उठाने और उसे धक्का देने के बाद माफिया का एक और साथी पुलिस को सड़क पर धमकाने लगा कि दोबारा एंट्री के लिए फोन किया तो अंजाम अच्छा नहीं होगा। इस पर आरोपी को पकड़ने के बजाए मौके पर मौजूद आरक्षक ने उसे जाने के लिए कहा और एएसआई देखते रह गए। 

इसके बाद भी पुलिस नहीं जागी। आरोपी ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित फरार हो गए। रेत का कारोबार श्योपुर में ढोढर, श्यामपुर, रघुनाथपुर क्षेत्र में धड़ल्ले से चंबल नदी से किया जा रहा है। यहां से कई ट्रैक्टर-ट्रॉली रेत ओछापुरा, वीरपुर, ढोढर थानों के सामने से होकर गुजरती है। लेकिन न तो इन्हें पुलिस रोक पाती है और न ही तहसीलदार व खनिज अफसर। अब तक चंबल से रेत खनन के मामले में जितनी भी कार्रवाई की गई, वह सिर्फ सबलगढ़ रेंज के एसडीओ आरआर अटल ने की। वह पहले भी कह चुके है कि चंबल नदी से रेत का खनन पुलिस संरक्षण में किया जाता है। इसलिए रेत माफिया यहां अफसरों पर हावी है।