शहरवासियों को आधुनिक सुविधायें भी होंगीं उपलब्ध…
कलेक्टर श्री सिंह ने स्मार्ट सिटी परियोजना का किया निरीक्षण 

ग्वालियर। स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्टों का लाभ आम जनों को जल्द से जल्द मिले, इसके लिये प्रोजेक्ट में किए जा रहे कार्यों को गति प्रदान की जाए। ग्वालियर का ऐतिहासिक टाउन हॉल शीघ्र लोकार्पित हो, इसके लिये शेष बचे कार्य पूर्ण किए जाएं। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने गुरूवार को स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत महाराज बाड़े पर टाउन हॉल के जीर्णोद्धार, प्लेनेटोरियम एवं डिजिटल वर्चुअल म्यूजियम तथा डिजिटल लाइब्रेरी के निर्माण के लिये किए जा रहे कार्यों का अवलोकन किया। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजना के माध्यम से शहर के विकास के लिये महत्वपूर्ण परियोजनायें हाथ में ली गई हैं। इन परियोजना के पूर्ण होने से शहरवासियों को आधुनिक सुविधायें भी उपलब्ध होंगीं। परियोजना का काम तत्परता से पूर्ण कर आम जनों के लिये लोकार्पित की जाना चाहिए। ग्वालियर का ऐतिहासिक टाउन हॉल अपने आप में एक विरासत है। इसके जीर्णोद्धार के लिये परियोजना में जो कार्य किए जा रहे हैं उसे तत्काल पूर्ण किया जाए, ताकि टाउन हॉल में आयोजन प्रारंभ हो सके। 

कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने कहा कि गोरखी स्कूल प्रांगण में निर्मित किए जा रहे प्लेनेटोरियम एवं डिजिटल वर्चुअल मयूजियम का कार्य भी तेजी के साथ किया जाए। इसके पूर्ण होने से शहरवासियों को एक नई सौगात मिलेगी। इसके साथ ही सेंट्रल लाइब्रेरी को डिजिटल लाइब्रेरी के रूप में विकसित करने का जो महत्वपूर्ण कार्य हाथ में लिया गया है उसमें भी गति लाई जाए। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत किए जा रहे कार्यों के संबंध में सीईओ स्मार्ट सिटी जयति सिंह ने विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत हाथ में लिए गए कार्यों को गति प्रदान की गई है। लॉकडाउन के कारण परियोजना के कार्यों में अवरोध हुआ था, जिसे दूर करते हुए पुन: कार्य तेजी से प्रारंभ किए गए हैं। आने वाले दिनों में परियोजना का लाभ आम जनों को मिलेगा और शहर को बेहतर सुविधायें भी उपलब्ध होंगीं। 

स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत डिजिटल लाइब्रेरी का कुल कार्य 11 करोड़ 14 लाख रूपए की लागत से किया जा रहा है। इसका कुल क्षेत्रफल 1431 वर्गफुट है। मौजूदा लाइब्रेरी के उन्नयन के लिये ऐतिहासिक स्वरूप को कायम रखते हुए वर्तमान भवन का उपयोग करने के लिये व्यापक संरक्षण का कार्य किया गया है। लाइब्रेरी की पुस्तकों का डिजिटल माध्यम से उपयोग तथा लेखा-जोखा रखा गया है। लाइब्रेरी में उपलब्ध 50 हजार पुस्तकों का डिजिटाइजेशन करने के साथ ही लाइब्रेरी में वरिष्ठ नागरिक, महिलाओ, बच्चों और दृष्टिहीन व्यक्तियों के लिये अलग-अलग व्यवस्थायें सुनिश्चित की गई हैं। परियोजना के तहत 6 करोड़ 78 लाख रूपए की लागत से 35 हजार वर्गफुट में प्लेनेटोरियम एवं डिजिटल वर्चुअल म्यूजियम का कार्य किया जा रहा है। 

इसके तहत स्काउट गाइड भवन को म्यूजियम एवं प्लेनेटोरियम के रूप मे विकसित किया जा रहा है। ग्वालियर के इतिहास और आस-पास के रहन-सहन, वेश-भूषा और खान-पान के अतिरिक्त लोक कलाओं का वर्चुअल म्यूजियम में प्रदर्शन किया जायेगा। प्लेनेटोरियम में एक साथ 75 दर्शकों के लिये शो देखने की व्यवस्था की जा रही है। ग्वालियर के ऐतिहासिक टाउन हॉल के जीर्णोद्धार का कार्य 79 लाख रूपए की लागत से किया जा रहा है। टाउन हॉल का आधुनिकीकरण, ऑडिटोरियम नाटक मंचन हेतु तैयार करना, हॉल को वातानुकूलित करना तथा डिजिटल साउण्ड की व्यवस्था की जा रही है। जीर्णोद्धार के कार्य अंतिम चरण में है। शीघ्र ही टाउन हॉल का कार्य पूर्ण कर लोकार्पण किया जायेगा।