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कोंग्रेसियों ने रेली निकालकर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

देश एवं प्रदेश में डीजल पेट्रोल की कीमतों में लगातार वृद्धि को लेकर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने नगर पालिका परिषद से रैली निकाली जिसमें कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने भाजपा मुर्दाबाद के नारे  भी लगाएं तथा एसडीएम कार्यालय पहुंचकर डबरा एसडीएम राघवेंद्र पांडे को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा, जिला ग्रामीण के कार्यवाहक रंगनाथ तिवारी ने कहा कि जब से बीजेपी सरकार आई है तभी से खाद ,बीज ,डीजल ,पेट्रोल सभी की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है यदि इनकी कीमतों पर अंकुश नहीं लगता है तो हम धरना प्रदर्शन भी करेंगे ज्ञापन तो एक शुरुआत है क्योंकि इस महामारी में जनता को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है अभिनेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि केंद्र में जब कांग्रेस की सरकार थी डीजल पेट्रोल पर ₹2 बड़े थे तो नेता और अभिनेता साइकिल पर चलने की बात कह रहे थे लेकिन अब सब कहां हैं जब 16 दिन के अंदर डीजल  की कीमत ₹8 और पेट्रोल की कीमत ₹9 बढ़ा दी गई है तो अब तो इन नेता और अभिनेताओं को पैदल चलना चाहिए भाजपा की तानाशाही हम नहीं चलने देंगे चाहे हमें आंदोलन ही क्यों ना करना पढ़े इस मौके पर शहर अध्यक्ष जय प्रकाश शर्मा, ग्रामीण अध्यक्ष राकेश रावत, जिला प्रवक्ता दिव्यांक द्विवेदी, वीरेंद्र सिंह पचौरी, घनश्याम भार्गव ,सूबेदार सिंह वृंदावन कोरी, सत्यप्रकाशी परसेडिया, एवं अनेकों कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद रहे।

मध्यप्रदेश का मुरैना-राजस्थान बॉर्डर हुआ सील

मध्यप्रदेश के मुरैना जिले से राजस्थान के लिए जाने वाली सीमा को आज सील कर दिया गया क्योंकि धौलपुर में कोरोना के मरीज 500 से ऊपर निकल चुके हैं इसलिए वहां पर कर्फ्यू लगा दिया गया है 28 29 30 जून की कई शादियां है धौलपुर का बाजार बंद होने के कारण वहां से आम जनता सामान खरीदने मुरैना आ रही है पिछले 3 दिनों में कोरोना मरीज का ग्राफ बढ़ा है इसलिए जिला प्रशासन ने राज्य शासन से अनुमति लेकर चंबल राजघाट पुल पर बनी सीमा पर बैरिकेड लगा दिए एवं भारी मात्रा पुलिस बल तैनात कर दिया है।

कोरोना काल में नवजात शिशुओं की जान को हो सकता खतरा

धार। जिला अस्पताल के नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई में नवनियुक्त सुरक्षा कर्मी रात 9-30 बजे ही अपनी ड्यूटी के दौरान सोता हुआ मिला। जिला अस्पताल  का एसएनसीयू वार्ड पिछले कुछ दिनों से विवादों में रहा है और लापरवाही के आरोप में कुछ अनुभवी कर्मचारियों को हटाया गया था। क्या अस्पताल प्रबंधन व एसएनसीयू के प्रभारी जिम्मेदार अधिकारियों को अब लापरवाही नजर नहीं आ रही हैं। गत रात्रि 9-30 बजे ही मुकेश नाम का यह सुरक्षा कर्मी अपनी ड्यूटी के दौरान सोता हुआ मिला।और एसएनसीयू वार्ड में नवजात शिशुओं को देखने के लिए एकसाथ भीड़ के रूप में परिजन इकट्ठे हो गए। कोरोना के संक्रमण काल में भीड़ का एकत्रित होना एवं नवजात की सुरक्षा व शिशुओं की जानमाल को हानि पहुंच सकती हैं। एसएनसीयू के वार्ड में गंभीर रूप से बीमार एक से 12 दिनों के बच्चों का उपचार किया जाता हैं। ऐसी लापरवाही के चलते क्या नवजात शिशुओं की जानमाल को गंभीर खतरा बढ़ सकता है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रात्रिकालीन ड्यूटी के दौरान कर्मचारी आते हैं और देर रात के बाद सो जाते हैं। औऱ वार्ड की सिस्टर भी अपने मोबाइल में व्यस्त नजर आती हैं और नवजात शिशुओं की देखभाल में गंभीर लापरवाही देखने को मिलती है। डॉक्टर भी डयूटी पर आते हैं और कुछ देर रुककर सभी बच्चों का उपचार करने के बाद वापस अपने आवास पर चले जाते हैं और वार्ड में बीमार बच्चों के आने पर ड्यूटी सिस्टर द्वारा काल करके बुलाया जाता है। रात्रिकालीन समय में सिविल सर्जन या जिम्मेदार अन्य अधिकारी रहते नहीं है।