दो दिवसीय वेबिनार के पहले दिन बोले विशेषज्ञ…
स्थानीय कलाओं के माध्यम से होना चाहिए टूरिज्म का बेहतर प्रमोशन : श्रीमती सोनिया

कोविद 19 के कारण वर्तमान समय चुनौतीपूर्ण हो गया है। इसके कारण पर्यटन भी कहीं न कहीं प्रभावित हुआ है। ऐसे में हमें सस्टेनेबल टूरिज्म (सतत पर्यटन) पर फोकस करना होगा। इसके तहत टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए इवेंट्स कराए जाने चाहिए। स्थानीय कलाओं के प्रदर्शन द्वारा भी टूरिज्म का प्रमोशन बेहतर तरीके से हो सकता है। साथ ही ग्रामीण पर्यटन पर भी फोकस होना चाहिए। इसके इलावा सांस्कृतिक धरोहरों को बचाने के लिए हेरिटेज वाॅक की शुरूआत भी की गई है। इसके अलावा मप्र में एडवेंचर टूरिज्म पर फोकस किया जा रहा है।

यह बात मध्यप्रदेश टूरिज्म विभाग की की एएमडी सोनिया मीणा ने कही। वह जीवाजी विश्वविद्यालय के टूरिज्म विभाग की ओर से कोविद- 19 चैलेंज आॅन इंडियन टूरिज्म इंडस्ट्री रेमेडियल मेजर्स एंड इश्यूज इनवोल्वड विषय पर हुए दो दिवसीय वेबिनार के पहले दिन बतौर वक्ता बोल रही थी। इस अवसर पर प्रो. जीबीकेएस प्रसाद, प्रो. एसके द्विवेदी, डाॅ. केके सिजोरिया, डाॅ. रश्मिता सिंह, क्षिप्रा सिंह चैहान और डाॅ. दीपमाला शर्मा सहित कई लोग मौजूद रहे। 

हमें पर्यावरण की सही तरह से पहचान करके पर्यटन को बढ़ा सकते हैं। देखा जाए तो चंबल सेंच्युरी में भी टूरिज्म की काफी संभावनाएं हैं। खास जल आधारित पर्यटन की काफी संभावनाएं हैं। लोगों के अंदर घूमने की इच्छा कभी समाप्त नहीं होती, उसी को ध्यान में रखकर टूरिज्म को प्रमोट किया जाना चाहिए। -प्रो. आरजे राव, कुलपति बरकतुल्लाह विवि भोपाल

कोरोना काल के कारण पर्यटन उद्योग के सामने काफी समस्याएं खड़ी हो गई हैं। हमें इन चुनौतियों का सामना सोच- समझकर करना होगा। लाॅक डाउन के कारण लोग बाहर घूमने नहीं जा सकते, ऐसे में लोकल टूरिज्म को डवलप करने पर फोकस करें। इसके साथ ही शाॅर्ट एंड लांग टर्म पाॅलिसी भी बनाई जानी चाहिए। - डाॅ. संदीप कुलश्रेष्ठ, आईआईटीटीएम ग्वालियर

कोविद- 19 के कारण पर्यटन उद्योग में जो बदलाव आया है उससे उबरने के लिए ट्रेनिंग व स्किल डवलपमेंट प्रोग्राम चलाने होंगे साथ ही वर्कशाॅप, सेमिनार कराए जाने चाहिए। इसके अलावा कैपेसिटी बिल्डिंग और आंत्रप्रेन्योरशिप संबंधी प्रोग्राम भी चलाए जाने की जरूरत है। - वेंकटेशन धत्तारेयन, रीजनल डायरेक्टर, इंडियन टूरिज्म मुंबई

रूरल टूरिज्म को प्रमोट करने पर ज्यादा फोकस करना चाहिए। इसके लिए गांवों का चयन करके वहां के लोगों को इससे संबंधित प्रशिक्षण दिया जाए उन्हें आॅर्गेनिक फूड के सेवन के लिए प्रेरित करें,  ताकि वे पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति सहित कई जानकारियां सही तरह से दे सकें l - डाॅ. मनोज कुमार सिंह, आईआईएफएम भोपाल

बाहर  से जो टूरिस्ट आते हैं, उन्हें हमारे धार्मिक स्थलों संबंधी जानकारी सही तरह से नहीं होती। इसके लिए सही तरह से स्टडी करके उस दिशा में काम करें। इसके अलावा अपने धार्मिक स्थलों को सोशल मीडिया के द्वारा भी प्रमोट कर सकते हैं।- डाॅ. रामकृष्णा, आईआईटीटीएम