ग्राम पंचायत के सचिव ने बताया कि…
गांव में ही रोजगार मिलने से रोजी रोटी का संकट हुआ दूर

मुरैना। कोरोना संक्रमण काल में विभिन्न शहरों से अपने गाँव वापस लौटे प्रवासी श्रमिकों के लिये अब रोजी रोटी का संकट दूर हो रहा है। क्योंकि प्रदेश सरकार द्वारा मनरेगा के तहत रोजगार सेतु एप्प में पंजीयन कराने से प्रवासियों को अपनी ग्राम पंचायत मंे ही रोजगार मिलने लगा है। कैलारस विकासखण्ड की ग्राम पंचायत कट्टोली के राहुल जाटव बताते हैं कि मैं महाराष्ट्र के पूना में पत्थर कटिंग का कार्य कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। किन्तु लॉकडाउन के कारण काम बंद होने से मेरे सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया था। मुझे अपने घर लौटने के अलावा और कोई रास्ता नहीं था। 

घर आने के बाद भी मन में तरह-तरह के ख्याल आने लगे कि आखिर अपने गांव में ऐसा क्या है, जिससे परिवार का भरण-पोषण कर सकूं। ग्राम पंचायत के सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार प्रवासी श्रमिकों और स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए गांव में जल संरक्षण, ट्रेंच खुदाई, खेत तालाब निर्माण, आरसीसी सड़क निर्माण सहित अन्य कार्य प्रारंभ कराए जा रहे हैं और मनरेगा के तहत गांव में ही लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जायेगा तो मैंने रोजगार सेतु पोर्टल पर अपना आवेदन आॅनलाइन करा दिया। 

पंजीयन होने के बाद ग्रामीणों के लिए मनरेगा योजना रोजगार का एक महत्वपूर्ण बन गई है। इन कार्यों के प्रारंभ होने से स्थानीय ग्रामीणों और प्रवासी जरिया श्रमिकों को रोजगार मुहैया हुआ है। जिसमें मुझे भी कार्य मिलने लगा। अब तो गांव में ही रोजगार मिलने से रोजी रोटी का संकट दूर हो गया है। राहुल जाटव ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान जी को धन्यवाद देते हुए कहा कि ग्राम पंचायत में ही रोजगार मिल जाने से वे और उनका परिवार बेहद खुश है।