कांग्रेस और भाजपा की प्रतिष्ठा लगी दांव पर…
प्रदेश में 3 तीन सीटों पर शुक्रवार को  होगा मतदान

भोपाल। मध्य प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों के लिए 19 जून यानि शुक्रवार को मतदान होगा। वर्तमान में विधानसभा में निर्वाचित सदस्यों (विधायकों) की संख्या 206 है। यह सभी सदस्य 19 जून को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक अपने वोट का इस्तेमाल कर सकेंगे। इसके बाद शाम को 5 बजे मतगणना होगी। भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टियों से तीन सीटों के लिए चार प्रत्याशी मैदान में हैं। मतदान विधानसभा के सेंट्रल हॉल में होगा। राज्यसभा की तीनों सीटें 9 अप्रैल को खाली हुई थीं। इधर, गुरुवार को दोनों पार्टियों में चुनाव को लेकर सरगर्मी रही। कांग्रेस ने बुधवार को विधायक दल की बैठक बुलाई थी तो गुरुवार को मॉक पोल कराया गया। कांग्रेस शाम को विधायकों के लिए ह्विप जारी कर दिया है। कांग्रेस के 91 विधायक हैं, जो शुक्रवार को चुनाव में भाग लेंगे। 

कोरोना संक्रमित कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी मॉक पोल में नहीं पहुंच पाए, लेकिन शुक्रवार को वोट डालने जाएंगे। उन्हें पीपीई किट पहनाकर वोट डलवा जाएगा। वहीं भाजपा ने गुरुवार को भी डिनर पॉलिसी अपनाते हुए देर शाम विधायक दल की बैठक बुलाई। इसके बाद प्रदेश कार्यालय में सभी के लिए डिनर रखा गया है। 19 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव में भाजपा की तरफ से दो उम्मीदवार ज्योतिरादित्य सिंधिया और सुमेर सिंह सोलंकी हैं। जबकि कांग्रेस की ओर से दो प्रत्याशी दिग्विजय सिंह और फूल सिंह बरैया हैं। शुक्रवार को दिनभर चलने वाली चुनाव प्रक्रिया को शाम तक पूरा कर लिया जाएगा और नतीजे भी शाम को घोषित कर दिए जाएंगे। 

इन तीन सीटों पर इससे पहले दिग्विजय सिंह, प्रभात झा और सत्यनारायण जटिया सांसद थे, इनका कार्यकाल 9 अप्रैल को खत्म हो गया था, जिसके बाद ही तीनों सीटें खाली हुई थी। राज्यसभा चुनाव को लेकर विधानसभा में मतदान स्थल को तैयार किया गया है। कोविड-19 के संक्रमण के चलते चुनाव के दौरान सभी गेटों पर स्वास्थ्य दल तैनात किया गया है। संक्रमण से बचने के लिए सभी तरह के उपाय किए जा रहे हैं। विधानसभा में कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए थर्मल स्क्रीनिंग, मतदान स्थल पर डिसइन्फेक्शन प्रोटोकॉल, सैनिटाइजेशन, स्वास्थ्य परीक्षण दल की तैनाती और संक्रमण से बचाव के सभी उपकरण रखे गए हैं। 

विधानसभा में चुनाव के दौरान संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को ही प्रवेश मिल सकेगा। विधायकों के वाहन चालक, गनमैन और दूसरे अमले को विधानसभा के पार्किंग परिसर में ही रोक दिया जाएगा। चुनाव से पहले विधानसभा भवन को सैनिटाइज किया गया है। राज्यसभा चुनाव के दौरान ऐसे विधायकों को रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा डाक मतपत्र की सुविधा दी गई है, जो कोरोना से संक्रमित हैं, डाक मतपत्र के लिए संक्रमित विधायक को आवेदन देना होगा. जानकारी के मुताबिक कोरोना वायरस संक्रमित कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी ने डाक मतपत्र के लिए कोई आवेदन नहीं किया है और अब संभावना इस बात को लेकर है कि राज्यसभा चुनाव के दौरान पीपीई किट में सबसे आखरी में कुणाल चौधरी विधानसभा पहुंचकर अपने वोट का इस्तेमाल कर सकेंगे। 

राज्यसभा चुनाव पर निगरानी के लिए चुनाव आयोग ने विशेष पर्यवेक्षक टीआर मीना को नियुक्त किया है. जबकि मीना ने विधानसभा में चुनाव को लेकर अफसरों के साथ तैयारियों का जायजा लिया है। विधानसभा में कुल सीट 230 हैं, लेकिन 24 सीट रिक्त होने के कारण शेष सदस्यों की संख्या 206 है। इनमें से भाजपा के 107, कांग्रेस के 92, बसपा के दो, सपा के एक और चार निर्दलीय सदस्य हैं। सदस्य संख्या के हिसाब से एक-एक सीट पर भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशी की विजय सुनिश्चित है, लेकिन तीसरी सीट के लिए दोनों दलों में कांटे का मुकाबला होने के आसार हैं। अब सबकी निगाहें गैर भाजपाई और गैर कांग्रेसी 7 विधायकों पर भी टिकी हैं।