मजदूरों से की अपील…
जरूरत पड़ी तो 'भूमिपुत्रों' को आगे आना होगा : ठाकरे

मुंबई। महाराष्ट्र में लॉकडाउन-4 को लेकर गाइडलाइन जारी करते हुए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि ग्रीन जोन में लगभग सभी चीजों को शुरू करने के लिए हम प्रयास कर रहे हैं. ऑरेंज जोन में भी हम लॉकडाउन में रियायत दे रहे हैं. ग्रीन जोन को सुरक्षित रखना और रेड जोन को ग्रीन जोन में तब्दील करना हमारी प्राथमिकता है. रेड जोन में कोई भी उद्योग नहीं खोलने दिया जा रहा है. अगर इसे खोला गया तो संक्रमण और बढ़ सकता है. बारिश के पहले हमें महाराष्ट्र से कोरोना वायरस को खत्म करना है.

उद्धव ठाकरे ने कहा कि आज तक हमने 50 हज़ार उद्योग-कारखानों को शुरू करने की इजाजत दी है जिसमें पांच लाख मज़दूर काम कर रहे हैं. दूसरे राज्यों के मज़दूर वापस चले गए है. अब हमारे सामने बड़ी चुनौती है. अगर उद्योग के लिए मैनपावर की कमी होती है तो महाराष्ट्र के लोगों को आगे आना चाहिए. उन्होंने कहा, ''दूसरे राज्यों के मज़दूर वापस चले गए हैं. अब हमारे सामने बड़ी चुनौती है. ग्रीन जोन में शुरू हो रहे उद्योगों के लिए हमें सामना आना है. मोदी जी की भाषा में कहें तो महाराष्ट्र को आत्मनिर्भर करने के लिए अब भूमिपुत्रों ने आगे आना चाहिए.''

नए उद्योग लाने के लिए 40 हजार एकड़ से ज्यादा जमीन हमने आरक्षित की है. ग्रीन इंडस्ट्रीज़ के लिए महाराष्ट्र में रेड कार्पेट वेलकम दिया जाएगा. बिना शर्तों के हम उन्हें उद्योग करने देंगे. देश विदेश से आनेवाली इन कंपनियों को हम राज्य में सारी सुविधाएं देंगे.

उद्धव ठाकरे ने कहा, ''दूसरे राज्य में जाने वाले मजदूरों को हम सही से भेज रहे हैं. करीब साढ़े पांच लाख लोगों के लिए हम खाना की व्यवस्था कर रहे थे लेकिन उन्हें गांव जाना था. तब भी कहा था कि उन्हें घर भेजेंगे. आज तक हमने करीब 5 लाख लोगों को बिना किसी परेशानी के बस और ट्रेन से भेजा है.''

इसके साथ ही उन्होंन कहा, ''हमारी सरकार ने निर्णय लिया है कि कोई भी चीज शुरु करने से पहले हम जनता को इसकी जानकारी देंगे. आज तक हम कह रहे थे कि घर में रहें, सुरक्षित रहें. अब मैं कह रहा हूं कि अगर घर के बाहर हैं तो सावधान रहें. अब तक जो आपने सावधानी रखी है अब उससे ज़्यादा सावधान रहना है. अब हमारे राज्य के कई लोग हैं जो राज्य में ही अपने अपने गांव जाना चाहते हैं, उन्हें भी भेजा जा रहा है.''

मुख्यमंत्री ने मजदूरों से अपील करते हुए कहा, ''चलकर अपनी जान जोखिम में न डालें. हम आपको सुरक्षित घर पहुंचाने के लिए हैं. हमने उन्हें हमारे खर्च पर भेजा है. अब तक कई लोग सड़क से जा रहे हैं, उन्हें मैं कहता हूं कि सड़क से न जाएं. आपके लिए बस और ट्रेन की शुरुआत हुई है. अलग-अलग अधिकारी आपका इंतजाम कर रहे हैं. रोज उत्तर प्रदेश, बिहास, बंगाल, गुजरात, राजस्थान भेजा जा रहे हैं. बेताब होने की जरूरत नहीं है.''