केंद्र सरकार निचले तबके के लोगों के खातों में सीधे पहुंचा रही है पैसे…

कोरोना संकट में बिना आधार नहीं मिलेगी नकदी की मदद


कोरोना वायरस संकट में केंद्र सरकार निचले तबके के लोगों के खातों में सीधे पैसे पहुंचा रही है। लेकिन कई राज्यों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ये पैसे उन्हीं को मिलेंगे, जिनके बैंक खाते आधार से लिंक्ड होंगे।
कोरोना वायरस महामारी को रोकने के लिए केंद्र सरकार द्वारा किए गए देशव्यापी लॉकडाउन की वजह से अर्थव्यवस्था की कमर टूट गई है। इसका सबसे ज्यादा असर श्रमिक वर्ग के लोगों पर पड़ा है, जिनके लिए दो जून की रोटी भी मुहाल हो गई है।

लॉकडाउन में ऐसे लोगों की केंद्र तथा राज्य सरकारें उनके खाते में सीधे पैसे भेजकर उन्हें मदद दे रही है। जिन रजिस्टर्ड मजदूरों के पास अपना खाता है, उन्हें तो पैसा मिल जा रहा है, लेकिन कुछ राज्यों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि नकदी की मदद उन्हीं लोगों को दी जाएगी, जिनके बैंक खाते आधार से लिंक्ड होंगे। हाल में बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने फैसला लिया कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लॉकडाउन के दौरान सभी राशन कार्डधारकों को DBT यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से 1000 रुपये प्रति परिवार मदद के रूप में दिए जाएंगे। हालांकि, इस लाभ के प्राप्त करने के लिए आधार सीडिंग अनिवार्य है।

आधार कार्ड को बैंक खाता से जोड़ने को आधार सीडिंग कहते हैं। इसके जरिए सरकार को अपनी योजनाओं को लागू करने में आसानी होती है। इससे योजनाओं से मिलने वाली सब्सिडी आसानी से ग्राहक के खाते में पहुंचाई जा सकती है।
कैसे करें आधार सीडिंग

आधार सीडिंग करना बेहद आसान है। आप घर बैठे ऑनलाइन बैंक अकाउंट को आधार से जोड़ने का काम कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले इंटरनेट बैंकिग LogIn करें। इसके बाद आपको अपडेट आधार कार्ड डीटेल्स या फिर आधार कार्ड सीडिंग के ऑप्शन पर क्लिक करना होगा। आपके सामने एक नया पेज खुल जाएगा अब आपको आधार कार्ड नंबर अपडेट कर सब्मिट पर क्लिक करना होगा। बैंक आपसे मोबाइल नंबर कंफर्म करने के लिए पूछेगा। आधार अपडेट होने जाने की जानकारी आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आ जाएगी।
एसएमएस के जरिए भी

एसएमएस द्वारा भी आप आधार नंबर अपने अकाउंट से लिंक कर सकते हैं। इसके लिए आपका नंबर बैंक के साथ रजिस्टर होना चाहिए। स्टेट बैंक के कस्टमर्स आधार नंबर और खाता संख्या लिखकर 567676 पर मैसेज कर सकते हैं।अगर आपका मोबाइल नंबर बैंक के साथ रजिस्टर्ड नहीं या फिर आपका आधार पहले से ही लिंक है तो आपको बैंक की ओर से रिप्लाई में एक मैसेज आ जाएगा। अगर आपका मोबाइल नंबर बैंके के साथ रजिस्टर्ड है तो अपडेट के संबंध में कन्फर्मेशन का मैसेज आएगा। कई बैंकों ने अभी एसएमएस से आधार अपडेट करने की सुविधा शुरू नहीं की है, इसलिए कस्टमर केयर हेल्पलाइन से जानकारी जरूर ले लें।
एटीएम से करें आधार कार्ड लिंक

एसबीआई समेत कुछ बैंक एटीएम के माध्यम से भी आधार कार्ड लिंक करने की सुविधा दे रहे हैं। इसके लिए एटीएम में कार्ड स्वाइप कर अपना पिन डालें और फिर 'सर्विस रजिस्ट्रेशन' का ऑप्शन सिलेक्ट करें। इस मेन्यू में आधार कार्ड रजिस्ट्रेशन का ऑप्शन सिलेक्ट करें या फिर जो भी संबंधित ऑप्शन हो उसे चुनें। इसके बाद आप अपने अकाउंट का प्रकार चुनें (बचत/चालू) और अपना आधार कार्ड नंबर अपडेट करें।
जनधन खातों के लिए जरूरी नहीं

जनधन खाते और गरीब वर्ग के खाता धारकों को आधार अपडेट करने की जरूरत नहीं है। ऐसे खाते सेल्फ-डेक्लरेशन पर खुल जाते हैं। इस तरह के खाते समाज के वंचित तबकों के लोगों के लिए खोले जाते हैं और 18 वर्ष से अधिक की उम्र का कोई भी व्यक्ति इन्हें बिना किसी केवाईसी के खुलवा सकता है। इन खातों की कुछ सीमाएं होती हैं, जैसे कि इनमें 50,000 रुपये से अधिक की राशि जमा नहीं कर सकते। केवाईसी डॉक्युमेंट्स जमा करने पर आपका खाता रेग्युलर सेविंग अकाउंट में कनवर्ट हो जाएगा।

कोरोना संकट को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ बातचीत में अभिजीत बनर्जी ने कहा कि केंद्र को गरीबों के लिए नई योजना लाने की जरूरत है, वहीं राज्यों और जिला अधिकारियों को गरीबों को सीधा लाभ पहुंचाने की जरूरत है। अभिजीत ने बताया कि इंडोनेशिया इस वक्त लोगों को कैश ट्रांसफर कर रहा है, वह लोगों पर ही छोड़ रहे हैं कि किसे इस वक्त पैसे की जरूरत है। सरकार से अधिक लोगों को पता होता है कि किसे इस वक्त पैसों की जरूरत है। अभिजीत ने कहा कि आज भी कई ऐसी योजनाएं हैं, जिनसे लोग नहीं जुड़ पाए हैं, ऐसे में आज ये जरूरत है कि उन लोगों तक भी मदद पहुंचाई जाए। हमें इस बात को भूलना चाहिए कि इससे कुछ लोगों को फायदा पहुंच सकता है, लेकिन इस वक्त रिस्क लेने की जरूरत है, क्योंकि ये समय की मांग है।