कलेक्टर प्रियंका दास ने चिकित्सकों को दिये निर्देश…

हाॅट स्पाॅट एरिया से आने वाले मजदूरों की जांच में कोताई नहीं : कलेक्टर 


मुरैना। प्रदेश सरकार की पहल पर अन्य राज्यों से जैसे कि गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र और हरियाणा से मुरैना जिले में अभी तक 232 मजदूर आ चुके है। जिनमें अधिकतर मजदूर हाॅट स्पाॅट जैसे अहमदाबाद, सूरत, महाराष्ट्र के मुम्बई, पुणे, राजस्थान के जयपुर, कोटा एवं हरियाणा के मजदूर मुरैना आ चुके है। इसमें महाराष्ट्र और गुजरात एवं राजस्थान से आने वाले मजदूरों की सैम्पलिंग जांच कराना अनिवार्य है। खाली थर्मल स्क्रीनिंग से काम नहीं चलेगा।

यह निर्देश कलेक्टर श्रीमती प्रियंका दास ने गुरूवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष मुरैना में सिविल सर्जन सहित समस्त बीएमओ को दिये। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. आरसी बांदिल, सिविल सर्जन, डाॅ. राघवेन्द्र यादव सहित जिले के समस्त बीएमओ उपस्थित थे। कलेक्टर श्रीमती प्रियंका दास ने चिकित्सकों को निर्देश दिये है कि बाहर से आने वाले मजदूरों का सूची अनुसार हेल्थ चैकअप करें और उन्हें होम क्वारंटाइन 14 दिन तक करावें।

उन्होंने थर्मल स्क्रीनिंग और हाथ पर सील लगाने से काम नहीं चलेगा। हाॅट स्पाॅट एरिया वाले मजदूरों की सैम्पलिंग जाचं भी करावें। इसके लिये प्रत्येक बीएमओ प्रतिदिन 10-10 लोंगो की सैम्पलिंग कराकर 3 दिन के अंदर यह कार्य पूर्ण करें। इसमें विलंब हुआ तो हालत सुधारे से नहीं सुधर सकेंगे। कलेक्टर ने कहा कि प्रतिदिन सभी बीएमओ अपने-अपने ब्लाॅक पर बाहर से आये श्रमिकों का सैम्पल लेकर जिला चिकित्सालय मुरैना में दोपहर 2 बजे तक भिजवाना सुनिश्चित करें और जिला चिकित्सालय से प्रतिदिन 20 लोंगो के सैम्पल लिये जावें। इस प्रकार जिले से परिडे 90 सैम्पलिंग जांच कराने के लिये भेजा जावे। उन्होंने कहा कि बिना सूचना के बाहर से आये हुये मजदूर घरों में न पहुंचे इसकी सूचना आस पड़ौस के लोग तत्काल जिला चिकित्सालय के कंट्राॅल रूम को उपलब्ध करावें।

उन्होंने कहा कि बाहर से आये हुये लोग 14 दिन तक होम क्वांरटाइन का पालन करें। कोई भी व्यक्ति घर से बाहर नहीं निकलेें। उनकी समय-समय पर पुुलिस व चिकित्सक जांच पड़ताल करंें। कलेक्टर ने कहा कि जिले में कैंसर, डायलेसिस, सुगर या अन्य बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों की भी सैम्पलिंग कराई जावे। इसकेे अलावा बाहर से भी कई लोग सर्दी, खांसी, जुकाम के आये हुये है, उनका की भी सैम्पलिंग करावें। कलेक्टर ने कहा कि अभी तक जंग हमने जीती नहीं है, अभी तक जिला स्तर पर यह लड़ाई लड़ी है।

किन्तु अब ग्रामीण क्षेत्रों में बाहर से आने वाले मजदूरों के साथ जांच परीक्षण कर लड़ाई जीतना चुनौती है। संदिग्ध मरीजों की जरूर सैम्पलिंग करावें। कलेक्टर ने कहा कि कोटा से जिले में एक सैकड़ा छात्र-छात्रायें आये हुये है, कोटा भी हाॅट स्पाॅट एरिया कोरोना से पीड़ित है। इसलिये जिन छात्र-छात्राओं को होम क्वांरटाइन किया है, वे एवं उनके परिजन 14 दिन तक घरों में ही रहें। अगर कोई छात्र-छात्रा घर से बाहर या कोई सामग्री लेने के लिये निकलते है तो तत्काल उन्हें पकड़कर सैम्पलिंग जांच कराई जावें। कोरोना के लक्षण अन्य लोंगो में संक्रमित नहीं होने चाहिये।

उन्होंने कहा कि समस्त बीएमओ के पास सैम्पलिंग हेतु आवश्यक उपकरण एवं किटें उपलब्ध कराई जा चुकंी है। सावधानी पूर्वक अधीनस्थ कर्मचारियों से सैम्पलिंग कार्य कराये जावे। जो व्यक्ति प्रशिक्षण सुदा नहीं है उसे जिला चिकित्सालय में अनुभव प्राप्त करने के लिये भेजें। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद विभाग द्वारा काढ़ा, गोलियां प्रदान की जा रही है। आने वाले लोंगो को भी उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बीएमओ प्रतिदिन की जानकारी जांच परीक्षण कर श्रमिकों के नाम, मोबाइल नम्बर एवं गांव का नाम सूची बद्ध कर प्रतिदिन बनाये गये वाट्सएप पर उपलब्ध करावें।