कोरोना से लड़ने के लिए इंदौर की मजबूत तैयारी…

स्वास्थ्य कर्मचारियों की होगी सीधी भर्ती : सांसद 


इंदौर। कोरोना से लड़ाई लंबी चल सकती है इसलिए सरकार और प्रशासन अब तुंरत की जरुरतों के साथ हेल्थ का इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर करने पर भी जोर दे रही है ताकि कोरोना से लड़ने लायक अस्पताल और सुविधाओं की कमी ना हो। इंदौर में सांसद शंकर लालवानी ने इंदौर के आला अधिकारियों के साथ बैठक कर इंदौर की आज की एवं आने वाले समय की जरुरतों पर चर्चा की और कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। सांसद ने बताया कि इंदौर में कोरोना की टेस्टिंग की क्षमता और बढ़ाई जा रही है। इसके लिए सीबी नेट मशीन 3 मई तक शहर में पहुंच जाएगी।

साथ ही पर्याप्त मात्रा में टेस्टिंग किट उपलब्ध रहेगी और कोरिया से आने वाली किट को जल्द लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही सिर्फ 1 घंटे में कोरोना के नतीजे देने वाली पूर्णत: ऑटोमैटिक मशीन भी 20 मई तक इंदौर पहुंच जाएगी। ये मशीन अमेरिका से मंगवाई गई है। अभी ये मशीन देश में सिर्फ 20 जगहों पर ही उपलब्ध है। साथ ही स्वास्थ्य कर्मचारियों की कमी ना हो इसके लिए एनआरएचएम के तहत सीधे जिले द्वारा भर्ती की जा सकेगी। इसके लिए मेडिकल कॉलेज डीन को अधिकृत किया गया है। साथ ही एक अहम फैसला घर पर ही आइसोलेशन में रखे गए या क्वैरेंटाइन किए गए लोगों के टेस्ट को लेकर किया गया। ऐसे लोग अब निजी लैब में अपने टेस्ट करवा सकेंगे।

इसके अलावा लगभग पूरे बन चुके सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल पर भी चर्चा हुई। सांसद ने कहा कि संक्रमण से लड़ाई में इसका भी उपयोग किया जाना चाहिए। इसलिए इस अस्पताल की क्षमता विकसित करने और अधूरे पड़े काम तुरंत पूरे किए जाएंगे। बैठक में मौजूद डॉ निशांत खरे का जोर ग्रामीण क्षेत्र को सुरक्षित रखने पर था। डॉ खरे ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में तेजी से सर्वे का काम शुरू किया जाना चाहिए। इंदौर में कोरोना की लड़ाई में केंद्र सरकार, राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन के बीच समन्वय का जिम्मा सांसद शंकर लालवानी के पास है और सांसद ने स्पष्ट तौर पर कहा कि इस लड़ाई में फंड की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।

वहीं प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य विभाग के आयुक्त संजय शुक्ला को विशेष तौर पर इस बैठक के लिए भेजा था ताकि तत्काल निर्णय लिए जा सकें और समस्याएं सुलझाई जा सकें। इस बैठक में स्वास्थ्य विभाग के आयुक्त संजय शुक्ला, इंदौर संभागायुक्त आकाश त्रिपाठी, इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह, डॉ निशांत खरे और मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ ज्योति बिंदल भी उपस्थित थे।