चाइल्ड लाइन 1098 ने प्रशासन के सहयोग से...

मुरैना चाइल्ड लाइन ने जौरा में रुकवाया बाल विवाह


मुरैना। विकासखण्ड जौरा में हो रहे बाल विवाह को चाइल्ड लाइन मुरैना ने रुकवाने में कामयाबी हासिल की है। चाइल्ड लाइन टोल फ्री नंबर 1098 मुम्बई के माध्यम से चाइल्ड लाइन मुरैना को सूचना मिली कि जौरा में एक बाल विवाह होने जा रहा है और लड़की की आयु महज 17 वर्ष है।

जिसकी 5 मई 2020 को बरात आनी थी।   
चाइल्ड लाइन मुरैना टीम लीडर ने जानकारी देते हुए बताया कि सूचना के आधार पर टीम ने परियोजना अधिकारी महिला एंव बाल विकास विभाग जौरा, अमित जैन, अघ्यक्ष बाल कल्याण समिति मुरैना एंव नरेन्द्र शर्मा थाना प्रभारी जौरा को अवगत करवाया।

इसके बाद संयुक्त टीम लड़की के घर पहुंची जहां लड़की के परिजनों को समझाया गया कि 18 साल से पहले विवाह करने के दुष्परिणाम क्या होते हैं, साथ ही यह भी बताया कि कम उम्र में शादी करने से लडकी व लडके के शारीरिक व मानसिक विकास पर क्या प्रभाव पडता है तथा बाल विवाह करने पर कानून के मुताबिक की जाने वाली कार्यवाही व सजा के बारे में भी जानकारी दी।

संयुक्त टीम के समक्ष लडकी के परिजनों ने वमुशिकल बात मानी और 18 वर्ष पूर्ण होने पर ही वे बेटी की शादी करने की बात कहते हुए राजी हुए और लिखित में शपथ पत्र व पंचनामा भी दिया है। तथा इस संबंध में वर पक्ष को भी सूचित कर दिया है कि 5 मई को बरात न लाएं और लडकी के 18 वर्ष पूर्ण होते ही कानूनन की मर्जी से शादी कर सकते हैं।

इस अवधि के दौरान स्थानीय आगंवाडी कार्यकर्ता लड़की व उसके परिजनो पर नजर रखेगी। पिछले तीन महिने से जिले में बाल विवाह को रोकने के लिए चाइल्ड लाइन टीम मुरैना विभाग के साथ मिलकर कार्य कर रही है। अब तक मुरैना जिले में 3 बाल विवाह रुकवा चुकी है, तथा 7 केसो में जाॅच की गई जो कि वालिग पाऐ गये।

चाइल्डलाइन टीम मुरैना द्वारा लड़की व लड़के के परिवार की काउंसलिंग की गई और बताया कि जब तक लड़की 18 वर्ष और लड़का 21 वर्ष का ना हो जाए तब तक उनकी शादी ना की जाए इसके तहत दोनों ही परिवारों पर चाईल्डलाइन टीम, पुलिस विभाग, महिला बाल विकास की सुपरवाइजर, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता द्वारा विशेष निगरानी रखी जाएगी यदि शादी की कोई सूचना मिली तो दोनों ही परिवारों पर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।