मास्क पहनकर लिये सात फेरे...
लाॅकडाउन-4.0 में नियमों के पालन के साथ हुआ विवाह

मुरैना। देशभर में कोरोना वायरस की महामारी के संक्रमण से बचाव के लिये लागू लाॅकडाउन अवधि में जब मैरिज गार्डन, धार्मिक स्थल बंद पड़े हों, तो एैसी परिस्थितियों में विवाह जैसे कार्यक्रमों का आयोजन बड़ी चुनौतियों का सामना करने से कम नहीं होता। लेकिन लाॅकडाउन और संक्रमण से बचाव की सभी सावधानियां, नियमों का पालन करते हुये मुरैना जिले के पोरसा विकासखण्ड के ग्राम बरबाई निवासी धर्मेन्द्र प्रजापति और पिंकी प्रजापति ने दाम्पत्य बंधन के इस कार्य को पूर्ण कर समाज के लिये उदाहरण प्रस्तुत किया है। वर-वधु ने मास्क पहनकर सात फेरे लिये और बारातियों का स्वागत सैनीटाईजर भेंटकर किया गया। 

पोरसा तहसील के ग्राम बरवाई निवासी धर्मेन्द्र प्रजापति आरक्षक 14 वी बाहिनी ग्वालियर मंें और पुरानी छावनी ग्वालियर निवासी पिंकी प्रजापति बीएसी नर्सिंग का विवाह 24 मई 2020 को होना निश्चित हुआ था। कोरोना वायरस संक्रमण के दौर में लाॅकडाउन के दौरान बाजार, मैरिज गार्डन, बारातघर, धार्मिक स्थल सभी जगह भीड़-भाड़ की मनाही के साथ सख्त रुप में प्रतिबंधित थे। एैसे में विवाह कार्यक्रमों का आयोजन करना चुनौतीपूर्ण था। 

लाॅकडाउन के अंतिम समय पर राज्य शासन और एमएचए की गाईडलाईन में सीमित संख्या में 20 व्यक्तियों की सोशल डिस्टेन्सिंग के साथ विवाह आयोजन के प्रावधान की अनुमति होते ही वर-वधु ने एसडीएम अम्बाह के यहां विवाह की अनुमति का आवेदन लगा दिया। अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय से अनुमति प्राप्त होते ही रीति रिवाज और प्रशासनिक आदेशों का पालन करते हुये 24 मई 2020 को वर-कन्या का विवाह सम्पन्न हो गया। विवाह कार्यक्रम में सोशल डिस्टेन्सिंग और संक्रमण से बचाव की सभी सावधानियों का गंभीरता से पालन किया गया। वर-वधु ने पूरे विवाह कार्यक्रम में मास्क लगाकर विधि विधान से वैवाहिक प्रक्रियायें पूरी कीं। 

वहीं बाराती और घरातियों ने मास्क लगाने, हाथ धोने एवं सैनीटाईज्ड रहने के नियमों का पालन किया। बारात की विदाई में सभी बारातियों को हैण्ड सैनीटाईजर भी भेंट किये गये। दाम्पत्य सूत्र में बंधे धर्मेन्द्र प्रजापति और पिंकी प्रजापति बताते हैं कि 20 मई की लग्न बीत जाने के बाद इन गर्मियों में विवाह की संभावनायें क्षीण हो गई थीं। लेकिन लाॅकडाउन-4.0 अवधि में शासन, प्रशासन द्वारा दी गई अनुमति और संक्रमण बचाव की सभी सावधानियां अपनाते हुये हमारा विवाह सानन्द, सकुशल सम्पन्न हो सका है। इस विवाह में अनावश्यक फिजूल खर्ची भी नहीं हुई और विधि विधान से विवाह भी सम्पन्न हो गया है।