महामारी से निपटने में मैदानी खामियों और लॉकडाउन में…

कमलनाथ ने सरकार के खिलाफ उतारी पूर्व मंत्रियों की टीम !


भोपाल । पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कोरोना संकट में सरकार की नाकामियों के खिलाफ अपने पूर्व मंत्रियों की टीम उतार दी है। अपनी सरकार जाने के बाद 24 सीटों के उप-चुनाव में फतेह हासिल कर दोबारा सत्तारूढ़ होने के इरादे से यह कवायद की गई है।

टीम में शामिल पूर्व मंत्रियों ने भाजपा में असंतुष्टों के स्वाभिमान को जगाने से लेकर कोरोना महामारी से निपटने में मैदानी खामियों और लॉकडाउन में गंभीर आपराधिक घटनाओं पर सरकार पर हमले शुरू दिए हैं।इसके साथ ही सरकार के खिलाफ जमीनी लड़ाई शुरू करने के लिए कांग्रेस लॉकडाउन समाप्त होने का इंतजार कर रही है।

पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने लॉकडाउन के दौरान नेताओं के साथ प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष बैठकें शुरू कर दी थीं। एक महीने तक कमल नाथ ने अपने पूर्व मंत्रियों सज्जन सिंह वर्मा, जीतू पटवारी, उमंग सिंघार, तरुण भनोत, पीसी शर्मा, कमलेश्वर पटेल और सचिन यादव की टीम के साथ बैठकर या उनसे फोन पर चर्चाएं की। शुरुआत में कोरोना लॉकडाउन में जरूरतमंदों और गरीबों को सहायता पहुंचाने के लिए प्रदेशभर में अभियान चलाया, लेकिन अब लॉकडाउन का एक माह बीतने पर यह टीम सरकार की घेराबंदी में जुट गई है।

सज्जन सिंह वर्मा
समर्थन मूल्य पर खरीदी को लेकर वर्मा ने सीधे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को घेरा। किसानों को संबोधित करते हुए वर्मा ने कहा कि अव्यवस्थाओं के बीच फसलों की खरीदी कर किसानों को क्यों परेशान कर रहे हैं और कम गेहूं खरीदकर अपने व्यापारी मित्रों मुनाफे का मौका दे रहे हैं।

सचिन यादव
फसल बीमा पर सीएम के कमल नाथ सरकार द्वारा राशि जमा नहीं करने के आरोपों का खंडन करते हुए यादव ने 2017-18 के आंकड़ों के साथ शिवराज सरकार को घेरा।

कमलेश्वर पटेल
पंचायतों को 14वें वित्त आयोग की दूसरी किश्त के 1800 करोड़ रुपए तत्काल दिए जाने की मांग को उठाकर पटेल ने पंचायतों को दी जा रही 30 हजार रुपये की राशि को नाकाफी बताया।

उमंग सिंघार
कांग्रेस से बगावत कर भाजपा में गए पूर्व विधायकों में से दो के मंत्री बनने पर कांग्रेस गहरी चोट कर रही है। पूर्व मंत्री सिंघार ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को लेकर ग्वालियर-चंबल संभाग, गोविंद सिंह राजपूत को लेकर बुंदेलखंड और तुलसीराम सिलावट को लेकर मालवा के भाजपा नेताओं को झकझोरते सवाल किया कि अब इन क्षेत्रों का बड़ा भाजपा नेता कौन?

जीतू पटवारी
पूर्व मंत्री पटवारी ने शिवराज सरकार के तीनों कार्यकालों की पहचान मौतों से कराई। पहला कार्यकाल व्यापमं में हुई मौत, दूसरा किसान हत्या और मौजूदा तीसरे कार्यकाल को कोरोना से हुई मौतों वाला बताया। उन्होंने टेस्टिंग किट की कमी से कोरोना नमूनों की जांच नहीं हो पाने के मुद्दे पर सरकार को घेरा है।

तरुण भनोत
पूर्व वित्त मंत्री भनोत ने कोरोना महामारी से निपटने में अपनी सरकार के फैसलों, डायग्नोस्टिक किट, पीपीई किट, मास्क, दवाएं, सैनिटाइजर, वेंटिलेटर और एनसी थर्मामीटर जैसे उपकरणों की खरीदी को क्रियान्वित नहीं किए जाने की आलोचना की।

पीसी शर्मा
लॉकडाउन के दौरान अपराधों पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा जिसमें पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने दमोह में सात साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और उसके बाद उसकी आंख निकालने की घटना पर चिंता जताई।