प्रशासक-नगर निगम को चेम्बर ने लिखा पत्र...

कॉमर्शियल संपत्ति पर संपत्ति कर बढाने का चेम्बर ने किया विरोध


ग्वालियर | कॉमर्शियल संपत्ति पर संपत्ति कर २५ से बढाकर ६२ रूपये प्रति वर्गफुट किए जाने का चेम्बर ने विरोध करते हुए चेम्बर ने सांसद- विवेकनारायण शेजवलकर, पूर्व मंत्री-प्रद्युम्न सिंह तोमर एवं प्रशासक-नगर निगम को चेम्बर ने पत्र प्रेषित किया है|

चेम्बर पदाधिकारियों ने अवगत कराया है कि  शहर के मुख्य बाजार व १३०० से ज्यादा आवासीय कॉलोनियों के मुख्य मार्गों सहित हाईवे तक जाने वाले मुख्य मार्गों की संपत्तियों को परिक्षेत्र एक, दो, तीन व चार से निकालकर परिक्षेत्र पांच में पहुंचाने का निर्णय नगर निगम द्बारा लिया गया है| इसके बाद मुख्य मार्गों पर स्थित कॉमर्शियल संपत्ति का संपत्तिकर २५ से बढकर ६२ रूपये प्रतिफुट हो जायेगा| 

चेम्बर ने पत्र में उल्लेख किया है कि  कोविद-१९ के चलते पूरी दुनिया में इस महामारी से हाहाकार मचा हुआ है| हमारे देश, प्रदेश एवं शहर में भी इस महामारी के चलते विगत २२ मार्च से व्यापारिक एवं औद्योगिक गतिविधियां ठप्प पड़ी हुई हैं| शहर के नागरिकों को अपनी आजीविका चलाने में भी बड़ी कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है| इस महामारी से स्थिति सामान्य होने में ही ३ से ६ माह लग जायेंगे|

जबकि व्यापार एवं उद्योग को इससे उबरने में एक से दो वर्ष का समय लगने की संभावना है| इस कठिन परिस्थिति में नगर निगम द्बारा कॉमर्शियल संपत्ति पर संपत्ति कर बढाने का निर्णय लिया गया है, हम इसका घोर विरोध करते हैं| एक ओर जहां केन्द्र एवं प्रदेश सरकार द्बारा नागरिकों को कई प्रकार की छूट देकर इस महामारी से लड़ने का संबल दिया जा रहा है| वहीं नगर सरकार द्बारा शहर के नागरिकों पर ढाई गुना अधिक संपत्ति कर में वृद्घि किया जाना अनुचित है एवं यह वृद्घि शहर की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी|

चेम्बर ने पत्र के माध्यम से मांग की है कि कॉमर्शियल संपत्ति पर संपत्तिकर बढाए जाने के निर्णय को वापिस लिया जाए| यदि इस निर्णय को वापिस नहीं लिया गया तो शहर के नागरिकों में आक्रोश व्याप्त होगा और वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे|