वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिये…

 अधिकारियों ने दिए लॉकडाउन का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश 


ग्वालियर l नोवेल कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिये सरकार द्वारा विशेष निर्देश जारी करते हुए गाइडलाईन निर्धारित की है। 20 अप्रैल तक लॉकडाउन का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। 20 अप्रैल के पश्चात जहां आवश्यक होगा वहां कुछ कामों में छूट देने का अधिकार जिला प्रशासन को प्रदान किया है। ग्वालियर जिले में नोवेल कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिये किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा तथा लॉकडाउन का और कड़ाई से पालन कराने के उद्देश्य से संभागीय आयुक्त एम बी ओझा एवं एडीजी राजाबाबू सिंह ने बुधवार को मोतीमहल के कमाण्ड कंट्रोल सेंटर में बैठक लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

संभाग आयुक्त एम बी ओझा ने बैठक में निर्देशित किया कि सम्पूर्ण देश में 3 मई तक लॉकडाउन की अवधि बढ़ाई गई है। शासन के निर्देशानुसार 20 अप्रैल तक लॉकडाउन का पालन सख्ती के साथ कराने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। 20 अप्रैल के पश्चात कुछ आवश्यक सेवाओ को चालू कराने की छूट प्रदान की गई है। इसके लिये जिला प्रशासन को अधिकृत किया गया है कि वे अपने-अपने जिलों में आवश्यकताओं को देखते हुए जिन सेवाओ को चालू कराने की छूट दी गई है, उन्हें चालू करा सकते हैं।

संभाग आयुक्त श्री ओझा ने यह भी स्पष्ट किया कि 20 अप्रैल के बाद सभी शासकीय कार्यालय भी चालू किए जायेंगे। शासकीय कार्यालयों में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध सुनिश्चित करना होंगे। इसके साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन तथा हर कर्मचारी को मास्क लगाना अनिवार्य होगा। सभी शासकीय कार्यालयों को प्रतिदिन सेनेटाइज्ड करने तथा नियमित कर्मचारियों को भी सेनेटाइज्ड का उपयोग करने के निर्देश दिए जायेंगे।
एडीजी राजाबाबू सिंह ने कहा कि सम्पूर्ण देश में लॉकडाउन की अवधि 3 मई तक बढ़ाई गई है। इस अवधि में लॉकडाउन का पालन कराया जाना है।

20 अप्रैल तक लॉकडाउन का पालन और सख्ती के साथ कराने के निर्देश भी प्राप्त हुए हैं। 20 अप्रैल के पश्चात कुछ आवश्यक सेवाओ को छूट देने की स्वतंत्रता जिला स्तर पर कलेक्टरों को सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि नोवेल कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिये जो दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, उनका पालन न करने वालों के विरूद्ध दण्डात्मक कार्रवाई करने का अधिकार भी सौंपा गया है। जो लोग प्रतिबंधात्मक आदेशों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ दण्डात्मक कार्रवाई की जायेगी।

कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने बैठक में सभी इंसीडेंट कमाण्डर्स को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में सभी कार्यों की कमान संभालें। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि शहर में स्थापित किए गए नाकों से कोई भी बाहर का व्यक्ति जिले में प्रवेश न करे। यह सुनिश्चित किया जाए। कोई भी व्यक्ति अगर बिना अनुमति के जिले में प्रवेश करने का प्रयास करता है तो उसके विरूद्ध एफआईआर कराई जाए। खेती-किसानी से जुड़े कामों में छूट रहेगी।

कलेक्टर श्री सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि जिले से बाहर मेडीकल ग्राउण्ड पर ही जाने की अनुमति प्रदान की जायेगी। किसी भी प्रकार के समारोह को कोई अनुमति नहीं रहेगी। किसी भी स्थान पर पाँच से अधिक लोगों को एकत्र होने की अनुमति प्रदान नहीं की जायेगी। शादी समारोहों को भी अनुमति नहीं दी जायेगी।

केवल शव यात्रा के लिये अनुमति रहेगी। इसमें भी 20 से अधिक लोग शामिल न हों, यह सुनिश्चित किया जायेगा। पुलिस अधीक्षक  नवनीत भसीन ने बैठक में स्पष्ट किया कि नोवेल कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिये लागू किए गए प्रतिबंधात्मक आदेशों का पालन करना सभी के लिये अनिवार्य होगा। आदेशों का उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध पुलिस प्रकरण कायम कर दण्डात्मक कार्रवाई की जायेगी।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आदेशों का उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध चालान की कार्रवाई भी निरंतर की जायेगी। तम्बाकू का सेवन कर सार्वजनिक स्थानों पर थूकने वालों के विरूद्ध भी चालान करने की कार्रवाई की जायेगी। पुलिस अधीक्षक श्री भसीन ने सभी इंसीडेंट कमाण्डर्स को भी निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में प्रतिबंधात्मक आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। आदेशों का पालन न करने वालों के विरूद्ध पुलिस में प्रकरण कायम कर दण्डात्मक कार्रवाई भी की जाए।

मोतीमहल के कमाण्ड कंट्रोल सेंटर में कोरोना के संक्रमण की रोकथाम के लिये किए ज रहे प्रबंधनों की समीक्षा बैठक में कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह, पुलिस अधीक्षक नवनीत भसीन, नगर निगम आयुक्त संदीप माकिन, सीईओ जिला पंचायत शिवम वर्मा, अपर कलेक्टर अनूप कुमार सिंह, एडीएम किशोर कन्याल, एडीएम टी एन सिंह, सीईओ स्मार्ट सिटी महिप तेजस्वी सहित जिले में नियुक्त सभी इंसीडेंट कमाण्डर एवं विभागीय अधिकारी और चिकित्सकगण उपस्थित थे।

20 अप्रैल के बाद यह गतिविधियों को मिल सकेगी छूट 
हैल्थ सर्विसेज चालू रहेंगी,
खेती से जुड़ी सभी गतिविधियां चालू रहेंगी, किसानों और कृषि मजदूरों को हार्वेस्टिंग से जुड़े काम करने की छूट रहेगी,
कृषि उपकरणों की दुकानें, उनके मरम्मत और स्पेयर पार्ट्स की दुकानें खुली रहेंगी,
खाद, बीज, कीटनाशकों के निर्माण और वितरण की गतिविधियां चालू रहेंगी, इनकी दुकानें खुली रहेंगी,
कटाई से जुड़ी मशीनों (कंपाइन) के एक राज्य से दूसरे राज्य में मूवमेंट पर कोई रोक नहीं रहेगी,
मछली पालन से जुड़ी गतिविधियां, ट्रांसपोर्ट चालू रहेंगी,
दूध और दुग्ध उत्पाद के प्लांट और इनकी सप्लाई चालू रहेगी,
मवेशियों के चारा से जुड़े प्लांट, रॉ मटेरियल की सप्लाई चालू रहेगी,
ग्रामीण क्षेत्रों में (जो म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन या म्यूनिसिपलिटी के तहत न हों) काम करने वाले उद्योगों को छूट,
स्पेशल इकोनॉमिक जोन में मैन्यूफैक्चरिंग और दूसरे औद्योगिक संस्थानों, निर्यात से जुड़ी इकाइयों को शर्तों के साथ छूट। यहां ये उद्योग अपना काम शुरू कर सकते हैं लेकिन उन्हें वर्करों को अपने परिसर में ही ठहराने का भी इंतजाम करना होगा। वर्करों को वर्कप्लेस पर लाने की जिम्मेदारी नियोक्ता की होगी और उसे इस दौरान सोशल डिस्टेसिंग के मानकों का पालन करना होगा,
दवा, फार्मा चालू हो सकेंगे।
सड़क की मरम्मत और निर्माण को छूट, जहां भीड़ नहीं हो,
बैंक शाखाएं, एटीएम, पोस्टल सर्विसेज चालू रहेंगी,
ऑनलाइन टीचिंग और डिस्टेंस लर्निंग को प्रोत्साहित किया जाएगा,
मनरेगा के काम की इजाजत रहेगी, सोशल डिस्टेंसिंग का सख्ती से पालन करते हुए,
मनरेगा के कामों को सोशल डिस्टेंसिंग का सख्ती से पालन करते हुए किया जाएगा,
मनरेगा में सिंचाई और वॉटर कंजर्वेशन से जुड़े कामों को प्राथमिकता दी जाएगी,
इमर्जेंसी के हालात में फोर व्हीलर में ड्राइवर के अलावा केवल एक ही रहेगा,
दुपहिया पर सिर्फ एक ही शख्स यानी उसका चालक सवार हो सकता है, उल्लंघन करने पर जुर्माना,
कोई शख्स क्वारंटीन किया गया है मगर नियमों का उल्लंघन करता है तो आईपीईस की धारा 188 के तहत कार्रवाई,
तेल और गैस सेक्टर का ऑपरेशन चलता रहेगा, इनसे जुड़ीं ट्रांसपोर्टेशन, डिस्ट्रिब्यूशन, स्टोरेज और रिटेल से जुड़ी गतिविधियां चलती रहेंगी,
गुड्स/कार्गो के लोडिंग-अनलोडिंग के काम को छूट,
जरूरी सामानों जैसे पेट्रोलियम और एलपीजी प्रोडक्ट्स, दवाओं, खाद्य सामग्रियों के ट्रांसपोर्टेशन को इजाजत रहेगी,
सभी ट्रकों और गुड्स/कैरियर व्हीकल्स को छूट रहेगी, एक ट्रक में 2 ड्राइवरों और एक हेल्पर की इजाजत,
इस बार ट्रकों के मरम्मत की दुकानों को भी छूट, हाईवेज पर ढाबे भी खुले रहेंगे ताकि ट्रकर्स को दिक्कत न हो,
सभी जरूरी सामानों की सप्लाई चैन की इजाजत,
किराना की दुकानों, राशन की दुकानों, फल, सब्जी, मीट, मछली, पोल्ट्री, खाद्यान्न, डेयरी और मिल्क बूथ, मवेशियों के चारे की दुकानों को छूट बरकरार,
प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को छूट, डीटीएच और केबल सर्विस को भी छूट,
आईटी से जुड़ी कंपनियों को वर्कफोर्स के 50 प्रतिशत स्ट्रेंथ के साथ काम करने की इजाजत, (जोखिम वाले क्षेत्रों के रूप चिह्नित इलाकों में नहीं)
ई-कॉमर्स कंपनियों की गतिविधियों, इनके ऑपरेटरों की गाड़ियों को छूट, इसके लिए इजाजत लेनी होगी,
सरकारी काम में लगीं डेटा और कॉल सेंटर सर्विसेज को इजाजत,
प्राइवेट सिक्यॉरिटी सर्विसेज को इजाजत ।