राजयोगिनी दादी जानकी जी के अव्यक्त होने के बाद…

राजयोगिनी दादी हृदय मोहिनी बनीं ब्रह्माकुमारी  की मुख्य प्रशासिका


परम आदरणीय राजयोगिनी दादी जानकी जी के अव्यक्त होने के बाद आज यज्ञ के मैनेजमेंट कमेटी की मीटिंग शांतिवन में हुई। दादी जानकी जी के श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उस मीटिंग में आगे के कारोबार को सुचारू चलाने के लिए विचार-विमर्श किए गए।

यज्ञ के दैवी संविधान के अनुसार परम आदरणीय राजयोगिनी दादी हृदय मोहिनी जी जिन्हें दादी गुलजार जी भी कहते हैं, जो वर्तमान में ब्रह्माकुमारीज के अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका है उन्हें अब प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की मुख्य प्रशासिका बनाया गया है।

दादी रतन मोहिनी जी को अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका बनाया गया। दादी ईशु जी जो वर्तमान में संयुक्त मुख्य प्रशासिका के रूप में सेवाएं दे रही है वह आगे भी देती रहेगी।

यह जानकारी आपको इसलिए भी भेज रहे हैं ताकि आज के बाद आप जो भी पत्र व्यवहार करें, लिटरेचर छापे या कहीं पर भी उपयोग करना हो तो ब्रह्माकुमारीज के मुख्य प्रशासिका के रूप में दादी हृदय मोहिनी जी का नाम रखें।

बाकी यज्ञ का कारोबार जो अभी तक चल रहा है उसी प्रकार से आगे भी चलता रहेगा। परमात्मा पिता भोलेनाथ शिव बाबा का यह स्थापित किया हुआ यज्ञ सदा ही प्रगति को पाता रहा है और पाता रहेगा।