फसलों का उचित मूल्य दिलाने की दिशा में...

कृषि के क्षेत्र में जल्द ही लाएंगे क्रान्ति : कमलनाथ


भोपाल l मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने आगर-मालवा जिला मुख्यालय पर आयोजित जय किसान फसल ऋण माफी कार्यक्रम में कहा कि प्रदेश में पिछले 14 महीनों में कृषि के क्षेत्र में भारी परिवर्तन आया है। राज्य सरकार ने जय किसान फसल ऋण माफी योजना लागू कर पहले चरण में ही 21 लाख से अधिक पात्र किसानों के ऋण माफ कर अपनी नेकनीयती का सशक्त प्रमाण दिया है। श्री कमल नाथ ने बताया कि इस योजना के तृतीय चरण में आगर-मालवा जिले के 9448 किसानों के करीब 135 करोड़ के फसल ऋण माफ किये गये है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में किसान फफ्फू बाई, धर्मराज, मेहरबान सिंह, प्रताप सिंह, रामदयाल, हीरालाल, जोरालाल और तिलक सिंह को ऋण माफी के सम्मान पत्र प्रदान किये।

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि नौजवान और किसान राज्य सरकार की प्राथमिकता हैं। उन्होंने कहा कि आज का युवा काम चाहता है। युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिये हम प्रदेश में निवेश लाने में काफी हद तक सफल रहे हैं। उन्होने कहा कि किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य दिलाने की दिशा में भी राज्य सरकार ने कारगर पहल की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कृषि के क्षेत्र में जल्द ही क्रांति लाएंगे। श्री कमल नाथ ने कहा कि आगर-मालवा जिले में विकास का नया इतिहास लिखा जायेगा।

श्री कमल नाथ ने विधायक श्री राणा विक्रम सिंह की मांग पर घोषणा की कि आगर-मालवा जिले में शीघ्र ही फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की जायेगी। उन्होने कहा कि हमारी संस्कृति लोगों को जोड़कर एक-साथ रखने की है। अनेकता में एकता हमारे देश की पहचान है। उन्होंने कहा कि भारत के अलावा दुनिया में कोई भी ऐसा देश नहीं है, जहां विभिन्न धर्म, भाषा और त्यौहार हों। श्री कमल नाथ ने कहा कि हमें अपनी संस्कृति और इतिहास को सुरक्षित रखना है।

मुख्यमंत्री ने आगर-मालवा जिले के ग्रामीण इलाकों में हर घर-नल जल योजना से पेय जल पहुँचाने के लिये 604 करोड़ की योजना का भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री ने आगर-मालवा जिले में कुल 865 करोड़ रूपये लागत के विकास एवं निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण किया। इसमें 686 करोड़ लागत के कार्यो का भूमि-पूजन और 180 करोड़ की लागत के कार्यों का लोकार्पण शामिल है। इसमें जिले के ग्रामीण अंचलों में हर घर-नल से जल पहुँचाने के लिये 604 करोड़ की योजना भी शामिल है। आगर-मालवा जिला प्रदेश का पहला जिला है, जहां इतने बड़े पैमाने पर नल-जल योजना के लिये धनराशि स्वीकृति की गई है।

जिले के प्रभारी नगरीयविकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह ने कहा कि प्रदेश में पिछले 14 महीनों में जनकल्याण के जितने काम हुए हैं, उतने पिछले 15 वर्षों में नहीं हुए। उन्होंने बताया कि आगर-मालवा जिले के अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों को नुकसान की भरपाई के लिये 150 करोड़ रूपये मुआवजा राशि का वितरण किया जा चुका है। श्री सिंह ने कहा कि जिले में 30 आधुनिक गौ-शालाएँ स्थापित की गई हैं। आने वाले दिनों में 50 और नई गौ-शालाएँ स्थापित की जाएंगी।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री सुखदेव पांसे ने कहा कि कुण्डलिया डेम से पानी लाकर उसे शुद्ध किया जायेगा और आगर-मालवा जिले के 480 गाँव के प्रत्येक घर में नल के माध्यम से प्रदाय किया जायेगा। उन्होंने बताया कि इस काम का टेंडर हो चुका है और अगले तीन वर्षों में यह योजना मूर्त रूप ले लेगी।

कार्यक्रम को किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री सचिन यादव, जल संसाधन मंत्री श्री हुकुम सिंह कराड़ा, जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा, उच्च शिक्षा मंत्री श्री जीतू पटवारी और ऊर्जा मंत्री श्री प्रियव्रत सिंह ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में विधायक श्री कुणाल चौधरी, अन्य जन-प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने आगर-मालवा जिले के प्रथम आगमन पर जिला मुख्यालय पर 21 करोड़ रूपये लागत के नव-निर्मित संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने आगर-मालवा जिले के प्रथम प्रवास के दौरान आगर स्थित बाबा बैजनाथ महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना की। श्री कमल नाथ ने इस मौके पर प्रदेश की तरक्की एवं प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। श्री कमल नाथ ने कहा कि मंदिर परिसर में 5 करोड़ के विकास कार्य कराए जाएंगे।