कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिये...

कलेक्टर ने निजी चिकित्सालयों का किया निरीक्षण


ग्वालियर। नावेल कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिये जिले में पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। लॉकडाउन के दौरान आम जनों को आवश्यक वस्तुओं की दिक्कत न हो, इसके लिये भी सभी प्रयास कर लोगों को आवश्यक सेवायें मुहैया कराई जा रही हैं। ग्वालियर में मंगलवार को कोरोना के संबंध में भेजे गए सेम्पलों में से 13 की रिपोर्ट प्राप्त हुई, जिसमें से एक भी पॉजिटिव नहीं पाया गया है। दिल्ली, मथुरा और आगरा की ओर से आने वाले नागरिकों को ग्वालियर जिले में 6 स्थानों पर ठहराकर उनके भोजन, पानी और स्वास्थ्य जाँच की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।

कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने कहा है कि ग्वालियर में कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिये सभी प्रबंध किए गए हैं। चिकित्सकों की व्यवस्था के साथ-साथ अस्पताल, होटल को भी चिन्हित कर तैयार किया गया है। आवश्यकता पड़ने पर इनका उपयोग किया जायेगा। उन्होंने मंगलवार को बिरला हॉस्पिटल, कल्याण हॉस्पिटल, सिम्स हॉस्पिटल के साथ ही ब्रम्हाणी हॉस्पिटल का भी अवलोकन किया और प्रबंधकों से कोरोना वायरस के मरीजों के उपचार हेतु सभी व्यवस्थायें तैयार रखने को कहा। आवश्यकता पड़ने पर इन अस्पतालों का उपयोग भी किया जायेगा। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत शिवम वर्मा, सीएमएचओ एस के वर्मा सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

 कलेक्टर श्री सिंह ने बताया कि ग्वालियर जिले में बाहर से आने वाले लोगों को ठहराने के लिये अस्थाई कैम्प लगाए गए हैं। यह कैम्प मालवा कॉलेज, माउन्ट लिटेरा स्कूल, वंदे मातरम् कॉलेज के साथ ही मोहना एवं रायरू में भी व्यवस्था की गई है। इन कैम्पों में भोजन, पानी के साथ-साथ सभी लोगों का मेडीकल चैकअप भी कराया जा रहा है। शहर की सामाजिक संस्थाओं एवं गणमान्य नागरिकों के माध्यम से इन कैम्पों में चाय, नाश्ता, भोजन आदि की व्यवस्था जन सहयोग से की जा रही है।

 कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने बताया कि कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम हेतु ग्वालियर जिले में वेंटीलेटरयुक्त आईसोलेटेड 65 बैड की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही आईसोलेटेड बैड की संख्या 150 और क्वॉरंटीन लोगों के लिये 1070 इस प्रकार कुल 1280 बैड की व्यवस्था की गई है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 25 इंसीडेंट कमाण्डरों की तैनाती भी की गई है। प्रत्येक इंसीडेंट कमाण्डर के साथ पुलिस अधिकारी, नगर निगम के साथ-साथ चिकित्सक, आशा कार्यकर्ता को भी तैनात किया गया है। जिले में 10 रैपिड रिस्पोंस टीम का गठन कर सतत निगरानी की जा रही है।

उन्होंने बताया कि ग्वालियर जिले से अब तक 93 सेम्पल भेजे गए हैं जिनमें केवल 2 केस निगेटिव पाए गए हैं, 60 जाँचों की रिपोर्ट आना अभी शेष है। जो रिपोर्टें प्राप्त हुई हैं उनमें कोई भी पॉजिटिव रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। ग्वालियर में 619 लोगों को होम क्वारंटाइन किया गया है।

कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए सम्पूर्ण देश में 14 अप्रैल तक लॉकडाउन किया गया है। लॉकडाउन के दौरान लोगों को भोजन आदि की दिक्कत न हो, इसके लिये जिले में खाने के पैकेट एवं कच्ची खाद्य सामग्री के पैकेट तैयार कर वितरण की व्यवस्था की गई है। केन्द्रीय फूड मैनेजमेंट सिस्टम के अंतर्गत तीन हैल्पलाइन नम्बर 9425115201, 8982869828 तथा 9907705166 जनता से साझा किए गए हैं।

इसके अंतर्गत शहर के विभिन्न संगठनों द्वारा दी गई सहायता को भी एकीकृत रूप से समन्वित कर संचालित किया जा रहा है। शहर में 28 मार्च से अब तक 89 हजार खाने के पैकेट जरूरतमंदों को वितरित किए गए हैं। इसके साथ ही 3500 कच्ची खाद्य सामग्री के पैकेट भी तैयार कर जरूरतमंदों को वितरित किए गए हैं। पिछले दो दिनों से 30 हजार पैकेट प्रतिदिन शहर में जरूरतमंदों को वितरित किए जा रहे हैं। ग्वालियर में खाद्य सामग्री एवं खाने के पैकेट शतप्रतिशत जन सहयोग से वितरित किए जा रहे हैं।

कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने कहा कि शहर में विभिन्न सामाजिक संस्थाओं, गणमान्य नागरिकों, धार्मिक संस्थाओं, विभिन्न क्लबों आदि के माध्यम से खाद्य सामग्री एवं खाने के पैकेटों का वितरण करने में भरपूर सहयोग किया जा रहा है। जिले में जन प्रतिनिधियों के माध्यम से भी खाद्य सामग्री, भोजन पैकेट एवं अन्य प्रकार के सहयोग की सकारात्मक पहल की जा रही है। सभी के सहयोग से जरूरतमंदों को सहयोग किया जा रहा है।

ग्वालियर में दिल्ली एवं आगरा की ओर से पैदल ही चलकर अपने गाँवों और शहरों की ओर जाने वाले लोगों को ग्वालियर जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं नगर निगम के सहयोग से विभिन्न कैम्पों में ठहराने की व्यवस्था की गई। सभी लोगों को ठहरने के साथ-साथ भोजन, पानी, चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने के साथ जनसहयोग से जिनके पास जूते-चप्पल नहीं थे उन्हें नए जूते-चप्पल भी दिए गए।

कई लोगों के पैदल चलने के कारण जूते चप्पल टूट गए और वे नंगे पैर ही चल रहे थे, जिस कारण उनके पैरों में भी दिक्कत हो रही थी। ग्वालियर में जन सहयोग से ऐसे लोगों की मदद कर नए जूते-चप्पल दिए गए। इसके साथ ही लोगों के साथ जो बच्चे थे उन्हें बिस्किट, टॉफी आदि भी प्रदान किए गए। सभी लोगों के लिये पीने के पानी के साथ नहाने, धोने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई।

बाहर से आए लोगों को ठहरने और भोजन आदि की व्यवस्था के लिये बनाए गए अस्थाई कैम्प की व्यवस्था को देखने के लिये कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह एवं पुलिस अधीक्षक श्री नवनीत भसीन सहित नगर निगम आयुक्त श्री संदीप माकिन पहुँचे और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कलेक्टर ने ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि बाहर से आए लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होना चाहिए।

कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिये ग्वालियर जिले में नई पहल भी की गई है। स्मार्ट सिटी के कंट्रोल कमाण्ड सेंटर में वॉट्सएप कॉलिंग के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य सेवायें देने का कार्य किया जा रहा है। कंट्रोल कमाण्ड सेंटर में 24X7 हैल्पलाइन व क्विक रिस्पोंस टीम तैनात की गई है। इसके साथ ही चिकित्सकों द्वारा वीडियो कॉलिंग के माध्यम से नागरिकों को चिकित्सीय परामर्श दिया जा रहा है। यह व्यवस्था कोरोना से उत्पन्न भय, स्ट्रैस तथा घबराहट को कम करने में बेहद कारगर साबित हुई है।

अब तक 372 नागरिकों ने वीडियो कॉलिंग सुविधा के माध्यम से चिकित्सीय परामर्श प्राप्त किया है। चिकित्सीय परामर्श के साथ-साथ अगर चिकित्सक को लगता है तो क्विक रिस्पोंस टीम जाकर संबंधित से संपर्क कर उसका विस्तृत परीक्षण एवं उपचार का कार्य भी कर रही है। कोई भी नागरिक मोबाइल नम्बर 7089003193 पर वॉट्सएप कॉलिंग कर अपनी समस्या चिकित्सक को बता सकता है, उसकी समस्या का चिकित्सक त्वरित निराकरण करेंगे।

कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र सिंह ने जिले के नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से न घबराएं। इसके साथ ही लॉकडाउन का पालन करें और घर पर ही रहें। कोई चिकित्सीय समस्या होने पर वॉट्सएप के माध्यम से चिकित्सीय परामर्श प्राप्त करें। अनावश्यक रूप से किसी अस्पताल जाने से बचें। जिले में चिकित्सकों की टीम 24 घंटे उपलब्ध है। इसके साथ ही आवश्यक सेवायें भी चालू हैं। किसी भी प्रकार से घबराने की आवश्यकता नहीं है। अपने घर रहें और सुरक्षित रहें।