आरोपियों ने परीक्षा पास किए बिना दलालों को 27 से 30 लाख रुपए देकर फर्जी सर्टिफिकेट बनवाए ...
फर्जी डिग्री से मेडिकल कॉलेज में इंटर्नशिप का हुआ खुलासा !
भरतपुर। फर्जी FMGE प्रमाण पत्र बनवाकर मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप और राजस्थान मेडिकल काउंसिल में पंजीयन कराने के मामले में एसओजी ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने परीक्षा पास किए बिना दलालों को 27 से 30 लाख रुपए देकर फर्जी सर्टिफिकेट बनवाए थे।
गिरफ्तार आरोपी: भारत भूषण निवासी दाऊजी का मंदिर, डीग, सौरव शर्मा निवासी सीताराम जी मंदिर, वैर, हिमांशु शर्मा निवासी गांधी चौक, हलैना और शिवम चौधरी निवासी पहाड़ी, डीग। जांच में सामने आया कि भारत भूषण ने किर्गिस्तान, सौरव व हिमांशु ने रूस और शिवम ने कजाकिस्तान से एमबीएस की डिग्री ली थी।
भारत भूषण ने दौसा के दलाल शुभम गुर्जर के जरिए 30 लाख देकर फर्जी प्रमाण पत्र बनवाया और राजकीय मेडिकल कॉलेज दौसा में इंटर्नशिप की। वहीं सौरव और हिमांशु ने वैर के दलाल गजेंद्र से 27-27 लाख में सर्टिफिकेट बनवाए। इसके आधार पर सौरव ने धौलपुर और हिमांशु ने जयपुर के महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज में इंटर्नशिप की।
शिवम ने भी गजेंद्र के जरिए 30 लाख देकर फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर राजकीय मेडिकल कॉलेज अलवर में इंटर्नशिप हासिल की। एसओजी एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि अब तक 100 से अधिक विदेशी मेडिकल स्नातकों को चिह्नित किया गया है। इस रैकेट में आरएमसी के पूर्व रजिस्ट्रार डॉ. राजेश शर्मा सहित 33 लोग पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं। एसओजी पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।




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