वीडियो जारी कर तिवारी ने मांगी थी माफी...
हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष के मुंह पर पोती स्याही,इंटरव्यू में जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का आरोप !
भोपाल। भोपाल के पीर गेट स्थित भवानी चौक पर हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी के साथ कुछ युवकों ने झूमाझटकी की और उनके चेहरे पर स्याही पोत दी। तिवारी पर एक इंटरव्यू में जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का आरोप है। उन्होंने विवाद के बाद वीडियो जारी कर माफी मांगी थी।भवानी चौक स्थित पीर गेट पर कुछ युवकों ने चंद्रशेखर तिवारी के साथ कथित तौर पर झूमाझटकी की और उनके चेहरे पर स्याही पोत दी। घटना के बाद मौके पर कुछ देर के लिए विवाद की स्थिति बन गई। मामले को लेकर तिवारी ने आरोपियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की बात कही है।
बताया जा रहा है कि यह विवाद एक इंटरव्यू को लेकर शुरू हुआ, जिसमें चंद्रशेखर तिवारी पर अनुसूचित जाति के लोगों के लिए जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया है। मामला सामने आने के बाद तिवारी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया था। इसमें उन्होंने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी थी। इसके बावजूद सोमवार को उनके साथ यह विवाद हुआ और युवकों ने उनके चेहरे पर स्याही पोत दी।
पीर गेट पर हुआ विवाद, युवकों ने की झूमाझटकी
घटना सोमवार दोपहर भोपाल के भवानी चौक स्थित पीर गेट इलाके में हुई। जानकारी के मुताबिक, चंद्रशेखर तिवारी वहां मौजूद थे, तभी कुछ युवक उनके पास पहुंचे। बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच झूमाझटकी की स्थिति बन गई।
इसी दौरान युवकों ने कथित तौर पर तिवारी के चेहरे पर स्याही पोत दी। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आने की बात कही जा रही है। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों के बीच भी हलचल बढ़ गई।विवाद की सूचना मिलने के बाद पुलिस से शिकायत की तैयारी की गई। तिवारी ने आरोप लगाया कि विवाद करने वाले युवकों ने खुद को अनुसूचित जाति का बताया था। हालांकि, घटना की पूरी परिस्थितियों और आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
इंटरव्यू में जातिसूचक शब्द इस्तेमाल करने का आरोप
पूरे विवाद की जड़ एक इंटरव्यू को बताया जा रहा है। चंद्रशेखर तिवारी पर आरोप है कि उन्होंने इंटरव्यू के दौरान अनुसूचित जाति से जुड़े लोगों के लिए आपत्तिजनक और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया था।इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद खड़ा हुआ। मामला बढ़ने के बाद चंद्रशेखर तिवारी ने वीडियो जारी कर अपनी बात स्पष्ट की और माफी मांगी। उन्होंने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा था कि उनके शब्दों से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो वे इसके लिए क्षमा चाहते हैं।माफी मांगने के बाद भी विवाद पूरी तरह शांत नहीं हुआ। सोमवार को पीर गेट पर उनके साथ हुई घटना ने मामले को फिर चर्चा में ला दिया।
तिवारी बोले- धमकियों से पीछे नहीं हटूंगा
घटना के बाद चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि वे सनातन धर्म के लिए अपना काम जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं और धमकियों से वे पीछे हटने वाले नहीं हैं।तिवारी ने दावा किया कि उन्हें गर्दन काटने तक की धमकी दी गई है। उन्होंने कहा कि धमकियों के बावजूद वे अपने कार्य से पीछे नहीं हटेंगे। उनका कहना है कि वे अपने समर्थकों के साथ कोतवाली थाने जाएंगे और घटना को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराएंगे।तिवारी ने घटना को लेकर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि विवाद करने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है।
सोशल मीडिया पर अलग-अलग दावे
घटना के बाद सोशल मीडिया पर इस पूरे विवाद को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि झांकियों के दौरान सख्ती और डीजे को लेकर कार्रवाई से कुछ लोग नाराज थे और इसी वजह से विवाद बढ़ा।हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल यह स्पष्ट तौर पर नहीं कहा जा सकता कि स्याही पोतने की घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या था।
सोशल मीडिया पर सामने आ रहे दावों और आरोपों के बीच पुलिस की जांच महत्वपूर्ण होगी। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद किस बात से शुरू हुआ, मौके पर वास्तव में क्या हुआ और घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे।
विवाद के बाद पुलिस में शिकायत की तैयारी
घटना के बाद चंद्रशेखर तिवारी की ओर से आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की बात कही गई है। उनका कहना है कि वे अपने समर्थकों के साथ कोतवाली थाने पहुंचकर शिकायत देंगे।पुलिस शिकायत मिलने के बाद मामले में उपलब्ध वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच कर सकती है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा सकती है।
दूसरी ओर, जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल के आरोपों को लेकर भी कानूनी पहलू महत्वपूर्ण है। किसी व्यक्ति के बयान को लेकर यदि शिकायत दर्ज होती है तो पुलिस को पूरे वीडियो और संदर्भ की जांच करनी होगी। केवल सोशल मीडिया पर प्रसारित अंशों के आधार पर पूरे मामले का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
माफी के बावजूद जारी रहा विवाद
चंद्रशेखर तिवारी की ओर से माफी मांगने के बाद यह उम्मीद की जा रही थी कि विवाद शांत हो जाएगा, लेकिन पीर गेट पर हुई घटना ने मामले को फिर तूल दे दिया है।एक तरफ तिवारी ने अपने बयान को लेकर माफी मांगने की बात कही है, वहीं दूसरी तरफ उनके साथ हुई घटना को लेकर उनके समर्थकों में नाराजगी देखी जा रही है। अब मामला पुलिस तक पहुंचने की स्थिति में है।
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब भोपाल में धार्मिक आयोजनों और सार्वजनिक कार्यक्रमों को लेकर प्रशासन की ओर से व्यवस्थाओं और नियमों के पालन पर जोर दिया जा रहा है। झांकियों, डीजे और सार्वजनिक आयोजनों को लेकर भी अलग-अलग पक्षों की प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं।
पुलिस जांच से साफ होगी घटना की तस्वीर
फिलहाल इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात पुलिस जांच रहेगी। चंद्रशेखर तिवारी के साथ हुई झूमाझटकी और चेहरे पर स्याही पोतने की घटना को लेकर उनकी ओर से लगाए गए आरोपों की जांच की जानी है। वहीं, इंटरव्यू में कथित जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल को लेकर भी वास्तविक वीडियो और बयान का पूरा संदर्भ सामने आना जरूरी है।
मामले में दोनों पक्षों की बात सामने आने के बाद ही विवाद की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी। पुलिस शिकायत और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
घटना के बाद चंद्रशेखर तिवारी ने एक बार फिर कहा है कि वे सनातन धर्म के लिए काम करना जारी रखेंगे और किसी भी तरह की धमकी से पीछे नहीं हटेंगे। अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है और जांच के दौरान विवाद की असली वजह क्या सामने आती है।




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