एआई समिट 2026 का भव्य शुभारंभ, नवाचार और तकनीकी आत्मनिर्भरता पर होगा मंथन...
ABV-IIITM ग्वालियर में जुटे विशेषज्ञ, रक्षा से स्वास्थ्य सेवा,कृत्रिम बुद्धिमत्ता की संभावनाओं पर चर्चा !
ग्वालियर, 29 अक्टूबर। अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन संस्थान (ABV-IIITM), ग्वालियर में दो दिवसीय एआई समिट 2026 का गुरुवार को उत्साहपूर्ण एवं गरिमामय वातावरण में शुभारंभ हुआ। सम्मेलन के पहले दिन कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के भविष्य, नैतिकता, नवाचार, रोजगार, रक्षा, स्वास्थ्य सेवा और शहरी विकास में इसके उपयोग पर व्यापक मंथन हुआ। विशेषज्ञों ने भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता के लिए स्वदेशी एआई मॉडल विकसित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। इस समिट में 40 से अधिक छात्र दलों ने लिया एआई सिनर्जी हैकाथॉन में भाग, स्वदेशी एआई मॉडल विकसित करने पर जोर दिया।
कार्यक्रम का उद्घाटन लेफ्टिनेंट कर्नल अमन सिंह, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिरुद्ध प्रताप सिंह, संस्थान के निदेशक प्रो. एस. एन. सिंह, प्रो. अनुराग श्रीवास्तव और श्याम अग्रवाल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर इंजीनियरिंग विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. अनुराग श्रीवास्तव ने अतिथियों का स्वागत किया।
रक्षा से मानवता तक एआई की भूमिका पर चर्चा
सम्मेलन के मुख्य अतिथि अनिरुद्ध प्रताप सिंह ने ‘एआई: समस्या, नैतिकता और मानवता का भविष्य’ विषय पर व्याख्यान देते हुए मानव बुद्धिमत्ता, रोजगार, डिजिटल विश्वास और वैश्विक प्रतिस्पर्धा से जुड़ी चुनौतियों पर विचार रखे। उन्होंने स्थानीय स्तर से वैश्विक स्तर तक विकास की संभावनाओं को साकार करने में एआई की भूमिका रेखांकित की तथा स्वदेशी एआई मॉडल को भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता के लिए महत्त्वपूर्ण बताया। उन्होंने शोधार्थियों के साथ संवाद भी किया।
भारतीय सेना के सेना पदक (शौर्य) से सम्मानित लेफ्टिनेंट कर्नल अमन सिंह ने ‘रक्षा क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता: एल्गोरिदम से परिचालनात्मक बढ़त तक’ विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने रक्षा क्षेत्र में स्वचालन, डेटा आधारित रणनीति, त्वरित निर्णय क्षमता और मानवीय नियंत्रण की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए भारत में स्वदेशी एआई मॉडल विकसित करने पर बल दिया।
40 से अधिक छात्र दलों ने दिखाया नवाचार का दम
सम्मेलन के अंतर्गत आयोजित एआई सिनर्जी हैकाथॉन में 40 से अधिक छात्र दलों ने भाग लेकर अपनी तकनीकी प्रतिभा, रचनात्मकता और नवाचार क्षमता का प्रदर्शन किया। यह आयोजन विद्यार्थियों को एआई आधारित समाधान विकसित करने तथा तकनीकी विचारों को व्यावहारिक स्वरूप देने के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्त्वपूर्ण रहा।
स्मार्ट सिटी, स्टार्टअप और स्वास्थ्य सेवा में एआई के अवसर
तकनीकी सत्रों में ग्वालियर स्मार्ट सिटी से जुड़े गौरव शाक्य ने शहर के विकास, तकनीकी नवाचार, चुनौतियों और संभावनाओं पर चर्चा की। इसके बाद संस्थान के एआई आधारित नवोद्यम ‘सैंगिलेंस’ (Sangillence) से जुड़े वैभव, अक्षत और कार्तिक ने अपने स्टार्टअप के उद्देश्यों एवं कार्यों का परिचय देते हुए नवाचार और उद्यमिता का महत्त्व बताया।
आरंभ चाइल्ड डेवलपमेंट सेंटर की निदेशक डॉ. सुकृति मिश्रा ने ‘स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग’ विषय पर व्याख्यान देते हुए बताया कि स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई की संभावनाएं केवल चैटजीपीटी तक सीमित नहीं हैं। इसके विभिन्न अनुप्रयोग स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, कार्यक्षमता और उपयोगिता को बेहतर बनाने में सहायक हो सकते हैं।
दो दिवसीय एआई समिट का पहला दिन तकनीकी ज्ञान, शोध, नवाचार और उद्योगोन्मुख विचारों के आदान-प्रदान के लिए महत्त्वपूर्ण रहा। सम्मेलन का उद्देश्य विद्यार्थियों, शोधार्थियों और विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता की संभावनाओं को समझना तथा उसके जिम्मेदार और व्यावहारिक उपयोग की दिशा में नए विचारों को प्रोत्साहित करना है।




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