भारतीय जवानों को चकमा देने की कोशिश धरासाई...
भारत में खून बहाने कर रहे थे घुसपैठ की कोशिश, सुरक्षाबलों ने मार गिराए 2 आतंकी
पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज आने वाला नहीं है. भारत में आतंकवाद फैलाने के लिए आसिम मुनीर ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में एक बार फिर से आतंक की फैक्ट्री लगा दी है. जानकारी के मुताबिक, सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक में भारत ने जिन आतंकी कैंपों को ध्वस्त किया था, उन्हें फिर से एक्टिवेट कर दिया गया है. इन कैंपों में 100 से ज्यादा आतंकियों को भारत में खून-खराबा करने की ट्रेनिंग दी जा रही है. आसिम का प्लान है कि भारत में एक बार फिर से किसी बड़ी आतंकी घटना को अंजाम दिया जाए. ट्रेनिंग पूरी कर चुके आतंकियों को भारत में घुसपैठ कराने की कोशिश की जा रही है. हालांकि, भारतीय जवानों को चकमा देना इतना भी आसान नहीं. सुरक्षाबलों ने कुपवाड़ा के केरन सेक्टर में शनिवार (17 अक्टूबर) को घुसपैठ कर रहे 2 पाकिस्तानी आतंकियों को ढेर कर दिया था.
जानकारी के मुताबिक, मारे गए आतंकी बर्फबारी का फायदा उठाकर LoC के पास जुमागुंड इलाके में आतंकी घुसपैठ की कोशिश कर रहे थे. वे अपने इरादों में कामयाब होते इससे पहले ही सुरक्षाबलों की गोलियों का शिकार हो गए. भारतीय जवानों की मुस्तैदी की वजह से वो आगे बढ़ नहीं पाए और सीमा पर ही मारे गए. इस घटना के बाद से पूरे इलाके में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. दरअसल, पहाड़ों पर बर्फबारी शुरू होते ही मुनीर के पाले आतंकी एक बार फिर भारत में दहशत फैलाने के लिए LoC के बेहद ऊंचाई वाले इलाकों से घुसपैठ की कोशिश में जुटे हैं. खुफिया इनपुट मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने भी इन इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है, जिसका असर ये हुआ कि केरन सेक्टर के जुमागुंड इलाके में दो पाकिस्तानी आतंकियों को मार गिराया गया. घटना को लेकर सेना ने बताया कि जुमागुंड में तड़के 3 बजे तीन से चार संदिग्धों की हलचल देखी गई थी. इसमें से दो ढेर हो गए, जबकि 2 आतंकियों की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है.
बता दें कि जुमागुंड बेहज ऊंचाई वाला इलाका है, जो दो दिन पहले हुई बर्फबारी की वजह से पूरी तरह से बर्फ से ढक गया है. पाक आतंकी इसी का फायदा उठाकर इस इलाके से घुसपैठ की कोशिश कर रहे थे. आतंकियों ने बर्फ में छिपने के लिए सेना जैसी सफेद वर्दी, जिसे स्नो कैमफ्लेज कहा जाता है, उसे पहन रखा था. इस वर्दी का इस्तेमाल ऊंचाई वाले बर्फीले इलाकों में तैनात सैनिक करते हैं. ये सफेद सूट बर्फ में पूरी तरह मिल जाता है, जिससे उन्हें देख पाना बेहद मुश्किल हो जाता है. इसके अलावा ये वर्दी सिपाहियों को कड़ाके की ठंड से बचाती है. आतंकियों और उनके मददगारों की धरपकड़ के लिए पुंछ, राजौरी, कुपवाड़ा, उरी, गुरेज, केरन, माछेल और तंगधार जैसे सेक्टरों में गश्त दोगुनी कर दी गई है. सुरक्षाबलों ने LoC से लेकर भीतरी इलाकों, कस्बों और शहरों तक कई स्तरों पर चौकसी और चेकिंग बढ़ा दी है, ताकि मुनीर के प्यादों की साजिश को नाकाम किया जा सके.




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